कोर्ट ने हत्या समेत कई धाराओं में सुनाई सजा,3.50 लाख का अर्थदंड
बुलंदशहर/लखनऊ : यूपी के बुलंदशहर देहात के शिकारपुर थाना क्षेत्र के वर्ष 2018 के हत्या एवं जानलेवा हमले से जुड़े मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), न्याय कक्ष संख्या-3, तबरेज अहमद की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए पांच अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। अदालत ने सुमेरा सैनी, रवि सैनी, अमित सैनी, बॉबी शर्मा और चन्द्रप्रकाश सैनी को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 147, 148, 149, 302 और 307 के तहत दोषी माना।
हत्या की धारा में उम्रकैद, जानलेवा हमले में 10 साल की सजा
अदालत के निर्णय के अनुसार पांचों दोषियों को धारा 147 IPC के तहत एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। धारा 148 IPC के तहत प्रत्येक को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया। वहीं, धारा 302 सहपठित धारा 149 IPC के अपराध में प्रत्येक दोषी को आजीवन कारावास और ₹50,000-₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष के अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा धारा 307 सहपठित धारा 149 IPC के तहत प्रत्येक दोषी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹20,000-₹20,000 जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इस तरह आदेश के अनुसार हत्या के मामले में पांचों दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई है। निर्धारित दोनों जुर्माने जोड़ने पर प्रत्येक दोषी पर ₹70,000 का जुर्माना बनता है।
27 अगस्त 2018 की घटना से जुड़ा है मामला
अदालत के फैसले में दर्ज अभियोजन कथानक के अनुसार मामला थाना शिकारपुर, जिला बुलंदशहर में मुकदमा अपराध संख्या 293/2018 से संबंधित है। घटना 27 अगस्त 2018 की बताई गई है और प्राथमिकी 5 सितंबर 2018 को दर्ज हुई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत मामले के अनुसार वादी पवन कुमार निवासी मोहल्ला मूर्तिहार, थाना शिकारपुर, ने आरोप लगाया था कि उसके पिता के साथ मारपीट की गई और बीच-बचाव करने पहुंचे परिवार के सदस्य के साथ भी हमला किया गया। इस मामले में सुमेरा सैनी, रवि सैनी, अमित सैनी, बॉबी शर्मा और चन्द्रप्रकाश सैनी निवासी मूर्ति विहार थाना शिकारपुर, बुलन्दशहर को आरोपी बनाया गया था। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक मामले में विवेचना के बाद आरोपपत्र दाखिल किया गया और अभियोजन की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान अभियुक्तों के बयान भी दर्ज किए गए तथा अंतिम बहस के बाद अदालत ने 23 सितंबर 2026 को निर्णय सुनाया।
अदालत ने पांचों को दोषी ठहराया
निर्णय के पहले बिंदु में न्यायाधीश तबरेज अहमद अदालत ने स्पष्ट रूप से पांचों अभियुक्तों सुमेरा सैनी, रवि सैनी, अमित सैनी, चन्द्रप्रकाश सैनी और बॉबी शर्मा को धारा 147, 148, 149, 307 और 302 IPC के तहत अपराध का दोषी ठहराया। अदालत ने सजा सुनाते समय संबंधित धाराओं में अलग-अलग दंड निर्धारित किए हैं। निर्णय में यह भी उल्लेख है कि अभियुक्तों द्वारा पूर्व में बिताई गई अभिरक्षा की अवधि को कानून के अनुसार सजा में समायोजित किए जाने की बात कही गई है।
पीड़ित परिवार को प्रतिकर दिलाने के निर्देश
फैसले में अदालत ने पीड़ित पक्ष को प्रतिकर दिलाए जाने के संबंध में भी निर्देश दिए हैं। निर्णय में उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पीड़ित को प्रतिकर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। अदालत ने अपने आदेश में उच्च न्यायालय एवं सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिपादित विधिक व्यवस्था और संबंधित दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया है।
23 सितंबर 2026 को सुनाया गया फैसला
अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार मामले में अभियोजन साक्ष्य की प्रक्रिया 27 फरवरी 2019 से 16 जुलाई 2026 तक चली।अभियुक्तों के बयान 23 जुलाई 2026 को दर्ज किए गए, जबकि प्रतिरक्षा साक्ष्य 29 अगस्त 2026 को प्रस्तुत किए गए। अंतिम बहस 9 सितंबर 2026 को हुई और इसके बाद 23 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया गया।
