गुरुवार सुबह तेज आंधी और बारिश से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित, सीबीगंज के बल्लाकोठा गांव में दीवार गिरने से 25 वर्षीय महिला की मौत,मलूकपुर बजरिया में जलभराव और अधूरी सड़क ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
बरेली : गुरुवार सुबह मौसम के अचानक बदले मिजाज और तेज आंधी-बारिश से बरेली शहर और आसपास के इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ और डालियां गिर गई। जिससे यातायात व्यवस्था पर असर पड़ा। वहीं, सीबीगंज थाना क्षेत्र के बल्लाकोठा गांव में घर की दीवार गिरने से 25 वर्षीय महिला की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में जलभराव, रास्तों पर यातायात का दबाव और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतों ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दीं।मलूकपुर बजरिया क्षेत्र में अधूरी सड़क के कारण बारिश का पानी जमा होने की समस्या भी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने जलनिकासी और सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की है।
किला पुल से मिनी बाईपास तक जाम, रेंगते नजर आए वाहन
तेज हवाओं और बारिश के बीच शहर की कई प्रमुख सड़कों पर पेड़ और डालियां गिरने से रास्ते बाधित होने की जानकारी सामने आई है। जिसके चलते कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ।किला पुल के आसपास वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बनने की बात कही गई है। स्थानीय सूचना के अनुसार, जाम का असर स्वालेनगर से होते हुए मिनी बाईपास की दिशा तक देखा गया। वाहन चालकों को रास्ते में फंसने और धीमी रफ्तार से गुजरने में परेशानी हुई।
सीबीगंज के बल्लाकोठा गांव में दीवार गिरने से महिला की मौत

सीबीगंज थाना क्षेत्र के बल्लाकोठा गांव में बारिश और तेज हवा के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक घर की दीवार गिरने से 25 वर्षीय महिला गणेशी के मलबे में दबने की जानकारी सामने आई है। हादसे में महिला की मौत हो गई। प्राप्त विवरण के अनुसार, गणेशी घर के पालतू पशुओं को चारा डालने के लिए गई थीं। इसी दौरान तेज हवा और बारिश के बीच घर की दीवार अचानक गिर गई। महिला मलबे की चपेट में आ गईं। घटना के बाद परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
मलबे से बाहर निकाला, लेकिन नहीं बच सकी जान
दीवार गिरने की आवाज सुनकर परिवार और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे। मलबे को हटाकर महिला को बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे से परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव का माहौल गमगीन हो गया।
मृतका के पति कृष्णपाल के मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करने की जानकारी दी गई है। उनके परिवार में तीन छोटे बच्चे-दो बेटे और एक बेटीहोने की बात सामने आई है। मां की मौत के बाद बच्चों और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पेड़ गिरने से बिजली के खंभे टूटे, कई इलाकों में आपूर्ति प्रभावित

आंधी-बारिश का असर शहर के बिजली नेटवर्क पर भी पड़ने की जानकारी सामने आई है।मढ़ीनाथ उपकेंद्र से निकलने वाली 11 हजार केवी की बंसी नगला लाइन पर एक बड़ा पेड़ गिरने का विवरण दिया गया है।बताया गया है कि पेड़ गिरने से बिजली के पांच खंभे टूट गए, जिससे संबंधित इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। ऐसे मामलों में बिजली विभाग की टीमों को क्षतिग्रस्त लाइन और खंभों की मरम्मत तथा आपूर्ति बहाल करने के लिए काम करना पड़ता है। शहर के रामपुर रोड की कालोनियों समेत कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप है।
धान और गन्ने की फसलों पर भी आंधी का असर, किसानों की चिंता बढ़ी
तेज हवाओं और बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, कई स्थानों पर धान और गन्ने की फसलें खेतों में गिरने की बात कही गई है। फसल गिरने से किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। हालांकि, नुकसान का वास्तविक स्तर फसल की स्थिति, प्रभावित क्षेत्र और कृषि विभाग के सर्वेक्षण के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन द्वारा नुकसान के आकलन की कार्रवाई किए जाने का उल्लेख है, लेकिन कुल नुकसान का कोई सत्यापित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
मलूकपुर बजरिया में 40 मिनट की बारिश से जलभराव, अधूरी सड़क बनी परेशानी
शहर में बारिश के बाद जलभराव की समस्या का एक और मामला मलूकपुर बजरिया क्षेत्र से सामने आया है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, करीब 40 मिनट की बारिश के बाद मलूकपुर नाले की सड़क, दरगाह आला हजरत मोड़, मलूकपुर बजरिया और सौदागरान सहित कुछ इलाकों में पानी जमा हो गया। स्थानीय लोगों और दुकानदारों के अनुसार,जलभराव के कारण पैदल राहगीरों, वाहन चालकों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दरगाह क्षेत्र में जुमेरात के दिन अकीदतमंदों की आवाजाही को देखते हुए जलभराव की समस्या को लेकर चिंता जताई गई है।
अधूरी सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा बना जलभराव की समस्या?

मलूकपुर से जसौली तक सड़क निर्माण कराया गया था। स्थानीय शिकायत के अनुसार, मलूकपुर बजरिया से आगे करीब 100 मीटर सड़क का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है। मलूकपुर बजरिया के स्थानीय लोगों की शिकायत का मुख्य विषय अधूरी सड़क और बारिश के पानी की निकासी है। लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होती है और सड़क की स्थिति में सुधार आवश्यक है।
