ट्रेंचिंग ग्राउंड में पावर ब्लॉक निर्माण इकाई का निरीक्षण, 20 एकड़ जलाशय से नकटिया नदी तक कैंट बोर्ड CEO डॉ. तनु जैन और BDA उपाध्यक्ष का संयुक्त दौरा
बरेली : यूपी के बरेली में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, पर्यावरणीय पुनर्स्थापन और हरित विकास को लेकर महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में बरेली छावनी परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने ट्रेंचिंग ग्राउंड में विकसित की जा रही पावर ब्लॉक निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। वहीं, डॉ. तनु जैन ने बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की उपाध्यक्ष के साथ संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण जलाशयों, शैक्षणिक सुविधाओं और नकटिया नदी पुनर्जीवन से जुड़े क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
कचरे को उपयोगी निर्माण सामग्री में बदलने की पहल
बरेली छावनी परिषद ट्रेंचिंग ग्राउंड में पावर ब्लॉक निर्माण इकाई विकसित कर रही है। यह पहल वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधनों की रिकवरी और सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में छावनी परिषद के प्रयासों का हिस्सा है। इस इकाई का उद्देश्य उपयुक्त रूप से प्रोसेस किए गए कचरे से प्राप्त सामग्री का उपयोग करते हुए उपयोगी निर्माण सामग्री तैयार करना है। निरीक्षण के दौरान CEO डॉ. तनु जैन ने यूनिट की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से कचरे के प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, रिकवर की गई सामग्री के प्रभावी उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल संचालन पर विशेष जोर दिया। इस पहल का उद्देश्य उस कचरे की मात्रा को कम करना भी है, जो अंततः लैंडफिल तक पहुंचता है। कचरे से प्राप्त उपयुक्त सामग्री का उपयोग कर उसे दोबारा उपयोगी कार्यों में लाने की दिशा में यह प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले पावर ब्लॉकों का उपयोग छावनी क्षेत्र में उपयुक्त नागरिक बुनियादी ढांचे और लैंडस्केपिंग कार्यों में किया जा सकता है। यह पहल स्वच्छ भारत, सतत शहरी विकास और वेस्ट-टू-रिसोर्स समाधान की दिशा में छावनी परिषद की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
883 बटालियन क्षेत्र में 20 एकड़ जलाशय का निरीक्षण

इसके अलावा बरेली छावनी परिषद और बरेली विकास प्राधिकरण के बीच समन्वित विकास की दिशा में संयुक्त फील्ड विजिट की गई। डॉ. तनु जैन ने BDA की उपाध्यक्ष के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण किया। संयुक्त दौरे की शुरुआत 883 बटालियन क्षेत्र से हुई, जहां करीब 20 एकड़ क्षेत्रफल वाले जलाशय का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जलाशय के संरक्षण, पुनर्जीवन और पर्यावरणीय विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। जल स्रोतों के संरक्षण और उनके बेहतर उपयोग के लिए समन्वित दृष्टिकोण पर भी चर्चा हुई।
आर.एन. टैगोर इंटर कॉलेज में AI और रोबोटिक्स लैब का जायजा
संयुक्त टीम ने इसके बाद आर.एन. टैगोर इंटर कॉलेज का दौरा किया। यहां शिक्षा और नवाचार से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। दौरे के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, एस्ट्रोनॉमी और अन्य प्रयोगशालाओं का जायजा लिया गया। टीम ने संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक और नवाचार आधारित सुविधाओं को देखा।अन्य जलाशयों और धोपा क्षेत्र का भी दौरा फील्ड विजिट के दौरान टीम ने एक अन्य जलाशय और तालाब स्थल का भी निरीक्षण किया। इसके बाद अधिकारियों ने धोपा क्षेत्र का दौरा किया और संबंधित क्षेत्रों का जायजा लिया। इस संयुक्त निरीक्षण का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में जल संरक्षण, पर्यावरणीय सुधार और विकास की संभावनाओं को एक समग्र दृष्टिकोण के साथ देखना रहा।
नकटिया नदी के पुनर्जीवन और ‘नाथ गंगा’ विकास पर फोकस

संयुक्त दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा नकटिया नदी का निरीक्षण रहा। अधिकारियों ने नदी के हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों का जायजा लिया। नकटिया नदी के वैज्ञानिक पुनर्जीवन,पारिस्थितिक बहाली और इसे ‘नाथ गंगा’ के रूप में विकसित करने के लिए चल रहे प्रयासों के संदर्भ में किया गया। नदी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरणीय सुधार, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन और हरित विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर निरीक्षण के दौरान ध्यान केंद्रित किया गया।
जल संरक्षण से हरित विकास तक एकीकृत विजन
पूरे संयुक्त फील्ड विजिट का मुख्य फोकस जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन, हरित बुनियादी ढांचा और समुदाय केंद्रित विकास के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण तैयार करना रहा। बरेली छावनी परिषद और बरेली विकास प्राधिकरण के समन्वित प्रयासों के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण, पर्यावरणीय विकास और सार्वजनिक हित से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में यह निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे से उपयोगी निर्माण सामग्री तैयार करने की पहल की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जलाशयों के संरक्षण और नकटिया नदी के पुनर्जीवन पर भी फोकस किया जा रहा है। यह प्रयास बरेली में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल विकास को एक व्यापक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
