आठवीं तक के स्कूल 8 और 9 को बंद,स्मार्ट सिटी की जल निकासी व्यवस्था पर बड़ा सवाल
बरेली : लगातार करीब 18 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने बरेली में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। रविवार दोपहर से शुरू हुई तेज बारिश सोमवार शाम।तक जारी रही। इसके बाद शहर की सड़कें, गलियां, कॉलोनियां और कई सरकारी परिसर जलमग्न नजर आए। कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जबकि कुछ स्थानों पर जलभराव कई फीट तक पहुंचने की बात सामने आई। शहर में बारिश के बाद बने हालात ने जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीएम कार्यालय, एसएसपी कार्यालय, डीआईजी कार्यालय, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, वन विभाग और जिला अस्पताल समेत कई सरकारी परिसरों में पानी भरने की स्थिति देखी गई। कई अधिकारियों के आवास भी जलभराव से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि पिछले 24 घंटों के दौरान बरेली में करीब 390 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हालांकि, इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग के विस्तृत रिकॉर्ड से की जानी बाकी है। बारिश के चलते शहर में तीन मकान गिर गए। मगर, इसमें कोई जनहानि नहीं हुई है। डीएम के निर्देश पर बरेली के 8 वीं तक के स्कूल 8 और 9 सितंबर को बंद रखने का फैसला लिया है।
सरकारी कार्यालयों तक पहुंचा पानी
लगातार बारिश के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों और परिसरों में भी पानी पहुंच गया। डीएम, एसएसपी और डीआईजी कार्यालयों के आसपास जलभराव देखने को मिला। नगरायुक्त के आवास और एसपी साउथ अंशिका वर्मा के आवास में भी पानी भरने की जानकारी सामने आई। इससे साफ है कि बारिश का असर केवल निचली बस्तियों और आम कॉलोनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के प्रमुख प्रशासनिक क्षेत्र भी इसकी चपेट में आ गए।
जिला अस्पताल में जलभराव, मरीजों को परेशानी
मूसलाधार बारिश का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। जिला अस्पताल परिसर में पानी भरने से इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जलमग्न परिसर में आने-जाने में लोगों को मुश्किल हुई। कई जगह पानी जमा होने के कारण सामान्य आवाजाही प्रभावित रही। संबंधित विभागों की ओर से पानी निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नाव लेकर सड़कों पर निकले पार्षद, नगर निगम पर उठे सवाल
बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव इतना गंभीर हो गया कि लोग नाव लेकर पानी से भरी सड़कों पर निकलने लगे। सोशल मीडिया पर भी जलमग्न बरेली के फोटो और वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं।शहरवासी नगर निगम की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल कई क्षेत्रों में यही समस्या सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका।नालों की सफाई, अतिक्रमण और पानी की निकासी को लेकर भी नागरिक प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
रेजिडेंसी गार्डन में तीन फीट तक पानी, लोगों में नाराजगी
स्टेडियम रोड स्थित रेजिडेंसी गार्डन कॉलोनी में भी जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। स्थानीय निवासियों के अनुसार कॉलोनी के कुछ हिस्सों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया।पानी निकालने के लिए लगाई गई मोटरों से भी तत्काल अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी। इसमें बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई।कॉलोनीवासियों ने विरोध स्वरूप चक्का जाम करने की बात कही।स्थिति की जानकारी मिलने के बाद नगरायुक्त के मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेने की बात सामने आई। जल निकासी तेज करने के लिए अधिक क्षमता वाली मोटर लगाने के निर्देश दिए गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर वर्ष बारिश के दौरान कॉलोनी में ऐसी स्थिति पैदा होती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया।
बिजलीघरों में पानी, कई इलाकों की सप्लाई प्रभावित
बारिश और जलभराव का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। डेलापीर, दुर्गापुर, कुतुबखाना और दुर्गानगर समेत कई बिजली उपकेंद्रों में पानी भरने की स्थिति सामने आई। सुरक्षा को देखते हुए कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी, जिससे शहर के कई इलाकों में बिजली संकट पैदा हो गया। घंटों तक बिजली गुल रहने के कारण लोगों के इन्वर्टर भी जवाब देने लगे।बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में पानी की सप्लाई पर भी असर पड़ा। विद्युत विभाग की ओर से पानी निकलने और हालात सामान्य होने के बाद आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जाने की बात कही गई।
बस अड्डों पर जलभराव, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
बारिश ने शहर की परिवहन व्यवस्था को भी प्रभावित किया। पुराने बस अड्डे और सेटेलाइट बस अड्डे के आसपास जलभराव होने से यात्रियों और कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस अड्डों और आसपास की सड़कों पर पानी जमा होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। लगातार बारिश के कारण यात्रियों की संख्या में भी कमी देखने को मिली।
रेलवे संचालन पर भी पड़ा असर
भारी बारिश और जलभराव का असर रेल यातायात पर भी दिखाई दिया। बरेली सिटी और बरेली जंक्शन के बीच रेलखंड में जलभराव की स्थिति के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किए। कुछ ट्रेनों को शॉर्ट ओरिजिनेट करने, कुछ के समय में परिवर्तन करने और आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने की जानकारी सामने आई है। रेलवे प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जर्जर मकान ढहा, पेड़ और बिजली के पोल भी प्रभावित
लगातार बारिश के बीच शहर में नुकसान की कई घटनाएं भी सामने आईं। जसौली क्षेत्र और दरगाह आला हजरत के आसपास जर्जर भवन ढहने की सूचना मिली। राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। श्यामगंज क्षेत्र में एक बड़ा पेड़ उखड़कर गिर गया। कुछ स्थानों पर बिजली के पोल प्रभावित होने की जानकारी भी सामने आई, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई। लगातार बारिश के कारण पुराने और जर्जर भवनों को लेकर भी खतरा बढ़ गया है। प्रशासन के सामने अब ऐसे भवनों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने की चुनौती है।
स्मार्ट सिटी की जल निकासी व्यवस्था पर बड़ा सवाल
बरेली में हुई इस भारी बारिश ने एक बार फिर शहर की ड्रेनेज और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 18 घंटे की लगातार बारिश के बाद शहर के कई हिस्से पानी में डूब गए। सरकारी कार्यालयों से लेकर अस्पताल तक जलभराव की चपेट में आ गए। बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई, बस और रेल यातायात पर असर पड़ा और कई इलाकों में लोगों को जलमग्न रास्तों से गुजरना पड़ा। नगर निगम की टीमें पानी निकालने में जुटी हैं और प्रशासनिक अधिकारी भी प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं, लेकिन शहरवासियों के सामने सबसे बड़ा सवाल अभी भी कायम है। अगर एक दिन की मूसलाधार बारिश में स्मार्ट सिटी का इतना बड़ा हिस्सा पानी में डूब जाए, तो आखिर बरसात से पहले जल निकासी की तैयारियां कितनी प्रभावी थीं।
निगम जुटी राहत कार्यों में
फिलहाल प्रशासन और नगर निगम की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटी हैं। लेकिन बारिश ने यह जरूर साबित कर दिया है कि बरेली को भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचाने के लिए केवल अस्थायी पंपिंग नहीं, बल्कि जल निकासी व्यवस्था का स्थायी और प्रभावी समाधान जरूरी है।
