ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही थी छात्रा, कश्मीरी गेट थाना क्षेत्र में वारदात का आरोप; चालक और कंडक्टर गिरफ्तार
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली स्लीपर बस में 16 वर्षीय छात्रा से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप बस के चालक और कंडक्टर पर है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल बस को भी कब्जे में लिया है।
मां की डांट से नाराज होकर घर से निकली थी छात्रा
जानकारी के मुताबिक पीड़िता मूल रूप से मैनपुरी जिले की रहने वाली है और 11वीं कक्षा में पढ़ती है। बताया गया है कि छात्रा 3 अगस्त 2026 को घर से बिना बताए निकल गई थी। वह पढ़ाई को लेकर मां की डांट से नाराज थी। छात्रा का इरादा नोएडा सेक्टर-63 में रहने वाले अपने चचेरे भाई के घर जाने का था। इसी दौरान वह ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जाने वाली स्लीपर बस में सवार हुई।
बस में चालक और कंडक्टर पर गंभीर आरोप
आरोप है कि 4 अगस्त को स्लीपर बस में ही चालक और कंडक्टर ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची तो कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में इस्तेमाल बस को भी अपने कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग छात्रा के साथ हुई इस कथित वारदात ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
2012 में हुई थी निर्भया कांड की वारदात
दिल्ली में महिला सुरक्षा के सवाल के साथ निर्भया कांड की याद भी ताजा हो गई है। 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली के वसंत विहार इलाके में चलती बस में 23 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इसके बाद उसे गंभीर हालत में सड़क पर फेंक दिया गया था। इस मामले में छह आरोपी सामने आए थे। एक आरोपी राम सिंह ने जेल में आत्महत्या कर ली थी, जबकि एक नाबालिग आरोपी को सुधार गृह भेजा गया था। मामले में चार दोषियों अक्षय ठाकुर, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और पवन गुप्ता को 20 मार्च 2020 को फांसी दी गई।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
करीब 14 साल बाद चलती बस में नाबालिग छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पूरी तस्वीर साफ होगी। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
