अलीगढ़ में मायावती का मंदिर बनाने की तैयारी, निजी जमीन पर प्रतिमा लगाने की मांगी अनुमति
भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशव देव गौतम ने मायावती को भेजा पत्र, अनुमति मिलते ही खैर में भूमि पूजन की तैयारी
अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का मंदिर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशव देव गौतम ने मायावती को पत्र भेजकर मंदिर निर्माण और उनकी प्रतिमा लगाने की अनुमति मांगी है। मायावती की ओर से जवाब मिलने के बाद भूमि पूजन शुरू करने की बात कही गई है।
निजी जमीन पर बनेगा मायावती का मंदिर
पंडित केशव देव गौतम ने बताया कि तहसील खैर के मोहल्ला खेरे में उनकी निजी जमीन है। इसी जमीन पर वह अपने खर्चे से मायावती का मंदिर बनवाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए शासन या प्रशासन से किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं ली जाएगी। पूरा खर्च वह स्वयं उठाएंगे।
मायावती से मांगी गई अनुमति
पंडित केशव देव गौतम ने २२ अगस्त को मायावती के नाम पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने मायावती से अलीगढ़ में मंदिर बनाने और उसमें उनकी प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति मांगी है। उन्होंने बताया कि मायावती की ओर से अनुमति मिलते ही भूमि पूजन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल उनके जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
मंदिर को बताया प्रेरणा स्थल
केशव देव गौतम का कहना है कि प्रस्तावित मंदिर किसी राजनीतिक गतिविधि का केंद्र नहीं होगा। इसे केवल प्रेरणा स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां आने वाली पीढ़ियों को मायावती के विचारों और उनके सार्वजनिक जीवन से प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि मंदिर में केवल मायावती की प्रतिमा ही नहीं होगी, बल्कि उनके विचारों को भी स्थान दिया जाएगा।
महात्मा गांधी और नरेंद्र मोदी के मंदिरों का दिया उदाहरण
केशव देव गौतम ने कहा कि देश में महात्मा गांधी, नरेंद्र मोदी, अटल बिहारी वाजपेयी और सोनिया गांधी जैसे नेताओं के प्रति समर्थकों की आस्था देखने को मिली है और कुछ स्थानों पर उनके मंदिर भी बनाए गए हैं। इसी तरह वह अलीगढ़ में मायावती के लिए मंदिर बनाना चाहते हैं।
पहले भी चर्चा में रहे हैं केशव देव गौतम
भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशव देव गौतम इससे पहले भी अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में रहे हैं। वर्ष २०२२ के विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने जूतों की माला पहनकर प्रचार किया था। वर्ष २०२४ के लोकसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग की ओर से उन्हें ‘चप्पल’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया था। इसके बाद उन्होंने चप्पलों की माला पहनकर प्रचार किया था। अलीगढ़ सांसद पर लगाए गए विभिन्न आरोपों को लेकर भी वह चर्चा में रहे हैं।
अब मायावती के जवाब का इंतजार
अलीगढ़ में मायावती का मंदिर बनाने की योजना को लेकर अब सभी की नजर बसपा सुप्रीमो की प्रतिक्रिया पर है। अनुमति मिलने के बाद ही मंदिर निर्माण और भूमि पूजन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल पत्र भेजे जाने के बाद मायावती के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
