फरीदपुर में 14 वर्षीय अंकांश गहरे पानी में डूबा, कीरत धीरी गांव में मातम, शाही औरंगाबाद में बारिश से मकान ढहा, चार लोग घायल, रामनगर ब्लॉक -पीएचसी में जलभराव
बरेली : यूपी के बरेली जिले में बारिश के बीच अलग-अलग घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। फरीदपुर थाना क्षेत्र के कीरतपुर धीरी गांव में भैंस को तालाब से निकालने के लिए पानी में उतरे 14 वर्षीय किशोर की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। वहीं शाही थाना क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में तेज बारिश के दौरान एक मकान भरभराकर गिर गया। हादसे में परिवार के चार लोग मलबे में दबकर घायल हो गए। राहत की बात रही कि किसी की जान नहीं गई।
भैंस को बचाने तालाब में उतरा था किशोर, गहरे पानी में डूबा
फरीदपुर थाना क्षेत्र के कीरतपुर धीरी गांव निवासी पुष्पेंद्र का 14 वर्षीय बेटा अंकांश सोमवार को गांव से करीब 100 मीटर दूर खेत में पशु चरा रहा था। उसके साथ गांव का ही 13 वर्षीय छोटू भी मौजूद था। बताया गया कि शाम के समय अंकांश की भैंस अचानक तालाब में चली गई। भैंस को बाहर निकालने के लिए अंकांश भी तालाब में उतर गया। पानी अधिक गहरा होने के कारण वह संतुलन खो बैठा और देखते ही देखते गहरे पानी में चला गया।अंकांश को डूबता देखकर छोटू घबराकर गांव की ओर दौड़ा और परिवार तथा ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण तालाब पर पहुंच गए और किशोर की तलाश शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने अंकांश को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कक्षा आठ का छात्र था अंकांश, परिवार में मचा कोहराम
अंकांश तीन भाइयों में मंझला था और कक्षा आठ में पढ़ता था। उसके पिता पुष्पेंद्र मेहनत -मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि अंकांश अपनी भैंस को बचाने के प्रयास में तालाब में उतरा था, लेकिन पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने से खुद हादसे का शिकार हो गया। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।
तेज बारिश में भरभराकर गिरा मकान, मलबे में दबे चार लोग
उधर, शाही थाना क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में सोमवार रात तेज बारिश के दौरान प्रेमवती का मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय घर में प्रेमवती (50), उनका बेटा सुमित (16) और बेटियां संध्या (18) व मीरा (20) मौजूद थीं। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर मलबे में दबे चारों लोगों को बाहर निकाला। हादसे में सभी घायल हुए, लेकिन किसी को गंभीर चोट नहीं आई। प्रेमवती के मुताबिक, उनके पति सोहनलाल रात की ड्यूटी के लिए बिलासपुर स्थित बोतल फैक्टरी गए हुए थे और हादसे के समय घर पर मौजूद नहीं थे।
मलबे में दबा घरेलू सामान, पशु और बाइक भी प्रभावित
मकान गिरने से परिवार को भारी नुकसान हुआ। मलबे में एक गाय, भैंस, मोटरसाइकिल और घरेलू सामान दब गया। घटना के बाद परिवार के सामने रहने और जरूरी सामान की समस्या खड़ी हो गई है। स्थानीय स्तर से प्रशासन को घटना की सूचना दी गई।
रामनगर ब्लॉक और पीएचसी परिसर में भरा पानी
बारिश का असर आंवला क्षेत्र के रामनगर में भी देखने को मिला। यहां विकासखंड कार्यालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बारिश का पानी भर गया।जलभराव के कारण कर्मचारियों, मरीजों और तीमारदारों को आने-जाने में परेशानी हुई।पीएचसी के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर परिसर के अंदर तक पानी जमा रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान बार-बार ऐसी स्थिति बनती है। लोगों ने प्रशासन से स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है।
राजस्व टीम ने शुरू किया नुकसान का आकलन
तहसीलदार मीरगंज आशीष कुमार सिंह के अनुसार, मकान गिरने की जानकारी प्रशासन को मिल गई है। राजस्व टीम को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार मुआवजे के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बारिश से तापमान में भी गिरावट
लगातार बारिश के चलते जिले के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार सुबह भी कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार के अनुसार, मंगलवार को बारिश के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है। अगले दो दिनों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है और धूप निकलने से उमस बढ़ सकती है। वहीं 21 अगस्त से एक और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभावी होने की संभावना जताई गई है, जिससे जिले में दोबारा बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
बारिश से जुड़े हादसों ने बढ़ाई चिंता
फरीदपुर में किशोर की तालाब में डूबने से मौत और शाहि में मकान गिरने की घटना ने बारिश के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। एक ओर जलभराव वाले स्थानों और तालाबों के आसपास बच्चों की सुरक्षा जरूरी है, वहीं दूसरी ओर जर्जर मकानों और जलनिकासी की समस्या पर भी प्रशासन को सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है।
