भाकियू हल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल तोमर ने सहसवान तहसील का किया घेराव, एसडीएम को साथ बैठाकर लगाया जनता दरबार
किसानों और दलित समाज की समस्याओं को लेकर तहसील परिसर में धरने पर बैठे अतुल तोमर, मौके पर शिकायतों के निस्तारण के साथ अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
सहसवान, बदायूं: किसानों और दलित समाज की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन हल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल तोमर ने सहसवान तहसील का घेराव कर दिया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ तहसील पहुंचे अतुल तोमर तहसील परिसर में ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद उन्होंने मौके पर ही जनता दरबार लगाकर पीड़ित लोगों की समस्याएं सुनीं।
लंबे समय से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे पीड़ित
बताया गया कि किसान और दलित समाज के कई लोग अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर लंबे समय से सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा था। लगातार हो रही उपेक्षा से परेशान लोगों ने भाकियू हल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल तोमर से संपर्क कर न्याय की गुहार लगाई। मामले का संज्ञान लेते हुए अतुल तोमर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ के साथ सहसवान तहसील पहुंचे।
भारी भीड़ देखकर तहसील प्रशासन में मचा हड़कंप
भाकियू हल के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी के चलते तहसील परिसर में हलचल बढ़ गई। अतुल तोमर ने तहसील परिसर का घेराव करते हुए जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान उन्होंने किसानों और दलित समाज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और अधिकारियों से तत्काल समाधान की मांग की।
एसडीएम को साथ बैठाकर लगाया जनता दरबार
अतुल तोमर ने धरना स्थल पर ही जनता दरबार लगा दिया। इस दौरान उप-जिलाधिकारी को भी अपने साथ बैठाया गया। पीड़ित लोगों ने मौके पर पहुंचकर अपनी शिकायतें और समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। राष्ट्रीय अध्यक्ष के कड़े रुख के बाद अधिकारियों ने कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया। वहीं, जिन समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं हो सका, उनके जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया गया।
किसानों और दलित समाज की समस्याएं उठाईं
धरना-प्रदर्शन के दौरान किसान और दलित समाज से जुड़े विभिन्न मामलों को प्रमुखता से उठाया गया। अतुल तोमर ने कहा कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए और अधिकारियों को जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुनना चाहिए। तहसील परिसर में लगाए गए जनता दरबार के बाद कई फरियादियों को राहत मिलने की बात सामने आई है। वहीं, शेष शिकायतों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
