बरेली : यूपी के बरेली कोर्ट ने वर्ष 2019 में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी पवन को विभिन्न धाराओं में दोषसिद्ध करते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास समेत अन्य सजाएं सुनाईं।
बहला-फुसलाकर नाबालिग का किया था अपहरण
मामला 19 सितंबर, 2019 का है। पीड़िता के पिता ने थाना सुभाषनगर में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया था कि उनकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। इसी दौरान पीलीभीत के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम गौहनिया चौराहा निवासी पवन उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
5 गवाहों और साक्ष्यों से साबित हुआ अपराध
इस मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष पांच गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश किए। सभी तथ्यों और सबूतों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी पवन को सभी आरोपों में दोषी ठहराया।
20 साल की सजा और जुर्माना
अदालत ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है। अपहरण के मामले में 4 साल की कठोर कैद और 2 हजार जुर्माना, बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में 5 साल की कठोर कैद और 4 हजार जुर्माना, जबकि पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल की कठोर कैद और 8 हजार जुर्माने की सजा दी गई। यदि आरोपी जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे 6 महीने की अतिरिक्त जेल की सजा भी काटनी होगी।
