कांवड़ यात्रा और जायरीन की सुरक्षा को देखते हुए बदला गया कार्यक्रम, दरगाह आला हज़रत और जिला प्रशासन की सहमति से लिया गया फैसला
बरेली: सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के सबसे बड़े रूहानी मरकज़ दरगाह आला हज़रत से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। फाज़िल -ए-बरेलवी, इमाम अहमद रज़ा ख़ां (आला हज़रत) के 108वें तीन दिवसीय उर्स-ए-रज़वी की अंतिम तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। पहले यह उर्स 7, 8 और 9 अगस्त 2026 को प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे 6, 7 और 8 अगस्त 2026 (जुमेरात, जुमा और हफ्ता) को आयोजित किया जाएगा। 8 अगस्त को दोपहर 2:38 बजे कुल शरीफ़ की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा। दरगाह आला हज़रत की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह फैसला कांवड़ यात्रा, शहर के अमन -ओ-अमान, लाखों ज़ायरीन की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और जिला प्रशासन के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। 9 अगस्त को शहर में कांवड़ यात्रा और बड़े जुलूस प्रस्तावित हैं, इसलिए उर्स की तारीखों में बदलाव किया गया।
उलेमा की राय और प्रशासन के अनुरोध पर हुआ फैसला

उर्स प्रभारी एवं जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां ने चार दिन पहले आठ सदस्यीय उलेमा-ए-इकराम की एक कमेटी गठित की थी। कमेटी ने विचार-विमर्श के बाद अपना फैसला बंद लिफाफे में दरगाह के जिम्मेदारों को सौंपा।इसके साथ ही सोमवार देर रात अपर जिलाधिकारी (एडीएम सिटी) और पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने दरगाह पहुंचकर दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा ख़ां (सुब्हानी मियां), काज़ी-ए-हिंदुस्तान मुफ़्ती मुहम्मद असजद रज़ा क़ादरी (असजद मियां) और सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) से मुलाकात कर उर्स की तारीखों में बदलाव का अनुरोध किया। शहर के अमन, कानून -व्यवस्था और ज़ायरीन की सहूलियत को प्राथमिकता देते हुए दरगाह प्रबंधन ने सर्वसम्मति से नई तारीखों पर मुहर लगा दी।
दुनियाभर के ज़ायरीन को दी जा रही नई तारीखों की जानकारी

जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के पूर्व प्रवक्ता समरान ख़ान ने बताया कि नई तारीखों की जानकारी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से दुनिया भर के अकीदतमंदों तक पहुंचाई जा रही है, ताकि जिन लोगों ने पहले 7, 8 और 9 अगस्त के हिसाब से सफर की तैयारी की थी, वे अब 6, 7 और 8 अगस्त के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बना सकें। वहीं दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स की तैयारियां बड़े पैमाने पर जारी हैं। जल्द ही जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के मुख्यालय पर एक अहम बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें उर्स की व्यवस्थाओं, ज़ायरीन की सहूलियत, ट्रैफिक, सुरक्षा और विभिन्न जिम्मेदारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
तेज़ी से चल रही हैं तैयारियां

उर्स-ए-रज़वी में हर साल देश-विदेश से लाखों अकीदतमंद बरेली पहुंचते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में ज़ायरीन के आने की उम्मीद है। तैयारियों में टीटीएस वालंटियर्स और दरगाह से जुड़े कार्यकर्ता दिन-रात जुटे हुए हैं। इनमें शाहिद नूरी, परवेज़ नूरी, अजमल नूरी, औरंगज़ेब नूरी, नासिर कुरैशी, ताहिर अल्वी, शान रज़ा, मंज़ूर रज़ा समेत अनेक लोग व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं। दरगाह प्रबंधन का कहना है कि उर्स-ए-रज़वी पूरी अकीदत, अमन-ओ-सुकून और बेहतर इंतज़ामात के साथ संपन्न कराया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले सभी ज़ायरीन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
