लखनऊ जा रही मुजफ्फरनगर डिपो की बस टिसुआ के पास रोकी, जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, परिवार में मचा कोहराम
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली में एक बड़ा सड़क हादसा टल गया, जब मुजफ्फरनगर डिपो की रोडवेज बस चला रहे संविदा चालक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द उठने के बावजूद चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सुरक्षित सड़क किनारे रोक दिया। जिससे बस में सवार यात्रियों की जान बच गई। इसके बाद परिचालक ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर ड्राइवर को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक आशंका हार्ट अटैक से मौत की जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, शामली जिले के थाना बाबरी क्षेत्र के गांव भजूं निवासी 48 वर्षीय सुनील कुमार रोडवेज में संविदा चालक थे।
लखनऊ जा रही थी बस
रविवार को वह मुजफ्फरनगर डिपो की बस लेकर सवारियों को लेकर लखनऊ जा रहे थे। रास्ते में बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र के टिसुआ गांव के पास अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और उनकी तबीयत बिगड़ गई। बस की रफ्तार के बीच चालक की हालत खराब होने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।हालांकि, सुनील कुमार ने हिम्मत नहीं हारी और बस को सुरक्षित सड़क किनारे खड़ा कर दिया।
कंडेक्टर की सूझबूझ से टला हादसा
इसके बाद कंडेक्टर ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी और उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने चालक को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजन और परिचित अस्पताल पहुंच गए। चालक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी पत्नी अर्चना का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे हैं।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल प्राथमिक तौर पर हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है। चालक की सूझबूझ से एक संभावित बड़ा सड़क हादसा टल गया, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
