पूरनपुर पहुंचे शंकराचार्य, गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग दोहराई
पीलीभीत : जिले की पूरनपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वर ने एक बार फिर गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग उठाई। होटल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, वेदों और पुराणों में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है, इसलिए केंद्र और राज्य सरकार को इसे राष्ट्रीय माता घोषित करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व का विषय भी है।
सरकार पर साधा निशाना, राजनीतिक उपेक्षा का लगाया आरोप
अपने संबोधन में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वर ने भारतीय जनता पार्टी और सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने गाय के मुद्दे को प्रमुखता देकर जनता से समर्थन प्राप्त किया, वे अब इस विषय पर अपेक्षित कदम नहीं उठा रहे हैं। उनका कहना था कि लंबे समय तक इस मांग को विभिन्न कारणों से आगे नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने सरकार से इस विषय पर स्पष्ट नीति अपनाने और निर्णय लेने की अपील की।
मुस्लिम समाज के समर्थन का किया उल्लेख
शंकराचार्य ने अपने वक्तव्य में कहा कि अब इस मुद्दे पर विभिन्न समाजों का समर्थन भी सामने आ रहा है। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने भी गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग का समर्थन किया तथा गाय की खरीद-फरोख्त और वध से दूर रहने का संकल्प लिया। उनके अनुसार इस पहल का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। हालांकि, यह वक्तव्य शंकराचार्य का दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इस पहल की सरकार की ओर से कोई सार्वजनिक सराहना नहीं की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी उठाए सवाल
कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब कोई संत लोभ, मोह और सांसारिक जीवन का त्याग कर आध्यात्मिक मार्ग अपनाता है, तो उसके लिए सत्ता के पदों की आवश्यकता पर विचार होना चाहिए। उन्होंने इस संदर्भ में अपनी वैचारिक असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि संतों की प्राथमिकता समाज और धर्म की सेवा होनी चाहिए। यह बयान उनके व्यक्तिगत विचारों के रूप में सामने आया।
गाय के मुद्दे पर जनसमर्थन बढ़ने का किया दावा
अपने संबोधन के अंत में शंकराचार्य ने दावा किया कि गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग को अब विभिन्न वर्गों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लोग अपने मतदान के अधिकार का उपयोग उन राजनीतिक दलों के समर्थन में करेंगे, जो इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने का वादा करेंगे। कार्यक्रम के दौरान उनके वक्तव्यों को लेकर उपस्थित लोगों में भी चर्चा का माहौल रहा। फिलहाल सरकार की ओर से उनके बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट: ऋतिक द्विवेदी, पीलीभीत
