एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए नया नियम, बायोमीट्रिक KYC भी अनिवार्य
बरेली : यूपी के बरेली में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। अब गैस कनेक्शन में मोबाइल नंबर तुरंत अपडेट नहीं होगा। पेट्रोलियम कंपनियों ने पोर्टल पर तत्काल नंबर बदलने की सुविधा रोक दी है। नए नियम के तहत मोबाइल नंबर बदलने के बाद उसे पूरी तरह सक्रिय होने में 90 दिन का समय लगेगा। इसके साथ ही अब एलपीजी कनेक्शन की केवाईसी प्रक्रिया भी और सख्त कर दी गई है। पहले जहां ओटीपी के जरिए केवाईसी हो जाती थी, वहीं अब बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। यानी उपभोक्ताओं को खुद गैस एजेंसी पहुंचकर फिंगरप्रिंट आधारित केवाईसी करानी होगी।
मोबाइल खोने पर बढ़ेगी परेशानी
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि नए नियम से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अगर किसी का मोबाइल फोन खो जाता है, या नंबर बंद हो जाता है, तो नया नंबर अपडेट होने में 90 दिन लगेंगे। ऐसे में गैस बुकिंग और सिलेंडर डिलीवरी में दिक्कत हो सकती है, क्योंकि बिना ओटीपी के गैस की आपूर्ति नहीं दी जाएगी।
तीन गुना तक बढ़ गई थी गैस बुकिंग
ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव आदर्श गुप्ता ने बताया कि एलपीजी किल्लत की चर्चाओं के चलते पिछले दिनों गैस बुकिंग सामान्य से तीन गुना तक बढ़ गई थी। हालांकि, अब स्थिति में कुछ सुधार हुआ है। जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह के मुताबिक, वर्तमान में रोजाना 30 से 35 हजार गैस बुकिंग हो रही हैं।वहीं, सिलेंडर डिलीवरी का बैकलॉग अभी भी तीन से चार दिन तक चल रहा है। नए नियमों के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को समय रहते केवाईसी और मोबाइल नंबर अपडेट कराने की सलाह दी जा रही है, ताकि भविष्य में गैस आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी न हो।
