सपा प्रमुख बोले – 15 लाख का मैसेज कब आएगा? पुराने वादों पर उठाए सवाल, महंगाई, बेरोजगारी और स्मार्ट मीटर पर उठाए सवाल, 2027 चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को दिया बड़ा संदेश
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है, जबकि रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा है। शनिवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और लूट अपने चरम पर है। हर विभाग में बजट का दुरुपयोग हो रहा है, और जनता सरकार की नीतियों से त्रस्त है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब भाजपा के खिलाफ खड़ी हो चुकी है और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज समाजवादी पार्टी के साथ मजबूती से जुड़ रहा है।
“दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती” डिप्टी CM पर तंज
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा की आंतरिक राजनीति पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती।”उन्होंने आगे कहा कि भाजपा में अंदरूनी खींचतान चल रही है और नेता एक-दूसरे को पीछे धकेलने में लगे हैं। यह सिर्फ दिखावे की एकता है, जबकि अंदरूनी संघर्ष साफ नजर आ रहा है।
संविधान, महिला आरक्षण और EVM पर सवाल
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने भाजपा पर संविधान और लोकतंत्र विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है और संवैधानिक पदों पर बैठे लोग भी जनता को गुमराह कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि तकनीक के नाम पर जनता की जेब से पैसे निकाले जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “जब स्मार्ट मीटर से चोरी हो सकती है, तो ईवीएम से वोट की चोरी क्यों नहीं हो सकती?”
15 लाख का मैसेज कब आएगा?”-अखिलेश यादव का BJP पर तंज, पुराने वादों पर उठाए सवाल
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “काश कभी 15 लाख रुपये खाते में आने का मोबाइल अलर्ट भी आ जाए।” उनका यह बयान केंद्र सरकार के पुराने वादों को लेकर किया गया कटाक्ष माना जा रहा है। उन्होंने इशारों-इशारों में सवाल उठाया कि जनता से किए गए वादों का क्या हुआ। इस टिप्पणी के बाद सियासी हलकों में फिर से बयानबाजी तेज हो गई है और विपक्ष भाजपा को उसके चुनावी वादों पर घेरता नजर आ रहा है।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा दावा
सपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाए और जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों को बताया जाए। उन्होंने वादा किया कि यदि समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो पढ़ाई और दवाई मुफ्त की जाएगी, छात्राओं की केजी से पीजी तक शिक्षा निशुल्क होगी और महिलाओं के लिए “महिला सम्मान योजना” लागू की जाएगी।
दीदी रहेंगी!- अखिलेश यादव का बड़ा दावा
उन्होंने कहा कि एक बार फिर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। बोले – मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि भाजपा को खुद चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा नहीं रह गया है, और वह हार की ओर बढ़ रही है।अखिलेश यादव ने दावा किया कि चुनावी अधिकारियों के बीच चल रही चर्चाओं से भी संकेत मिल रहे हैं कि टीएमसी को भारी बढ़त मिल रही है और वह करीब 234 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में कहा, “दीदी हैं, दीदी रहेंगी!”इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है, और विपक्ष-भाजपा के बीच बयानबाजी तेज होती नजर आ रही है।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
पूर्व सीएम अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में गर्मी और बढ़ गई है। एक तरफ जहां सपा भाजपा पर लगातार हमलावर है, वहीं आने वाले चुनावों को देखते हुए दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
