स्कूल, संप्रेक्षण गृह और विश्वविद्यालय तक व्यवस्थाओं की जमीनी जांच, अफसरों में दिखी हलचल
बरेली : यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का गुरुवार को बरेली दौरा प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्थाओं के लिए एक बड़ा संदेश लेकर आया। यह दौरा सिर्फ औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हर स्तर पर जमीनी हकीकत परखने और जवाबदेही तय करने का प्रयास साफ नजर आया। सुबह एयरपोर्ट से शुरू हुआ कार्यक्रम दोपहर तक लगातार निरीक्षण और समीक्षा बैठकों में व्यस्त रहा, जिससे पूरे सिस्टम में हाई अलर्ट की स्थिति बनी रही है।
दिशा इंटर कॉलेज में शिक्षा की हकीकत परखी

राज्यपाल त्रिशूल हवाई अड्डे से सीधे दिशा इंटर कॉलेज पहुंचीं। यहां उन्होंने पारंपरिक स्वागत के बजाय सीधे निरीक्षण को प्राथमिकता दी।कक्षाओं की स्थिति, शिक्षण व्यवस्था और संसाधनों की उपलब्धता को बारीकी से देखा। विशेष (दिव्यांग) बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया। स्कूल प्रबंधन और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।समावेशी शिक्षा केवल कागजों में नहीं, बल्कि व्यवहार में दिखनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय को केवल एक संस्थान तक सीमित न रहकर 4-5 गांवों को गोद लेकर उनके समग्र विकास की दिशा में काम करना चाहिए।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मॉडल और योजनाओं पर जोर
अपने संबोधन में राज्यपाल ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रयोगों और अभियानों का उल्लेख किया। टीबी (क्षय रोग) मरीजों को गोद लेने का अभियान, और महिलाओं के लिए बड़े स्तर पर कैंसर स्क्रीनिंग अभियान चलेगा। गुजरात के अनुभव साझा करते हुए बताया कि लाखों महिलाओं की जांच कराकर समय पर इलाज सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से गंभीर बीमारियों से लड़ने में समाज की भागीदारी बढ़ती है और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचता है।
बच्चियों के लिए HPV वैक्सीन अभियान

राज्यपाल ने बालिकाओं के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता जताई और बताया कि उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 3 लाख बच्चियों को HPV वैक्सीन लगाई जा चुकी है। सरकार ने 14 वर्ष तक की बच्चियों के लिए यह वैक्सीन निःशुल्क करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्कूलों और प्रशासन से अपील की कि इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो सके।
संप्रेक्षण गृह (किशोर) में व्यवस्थाओं की सख्त जांच
इसके बाद राज्यपाल किला स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) पहुंचीं, जहां उन्होंने बच्चों की स्थिति को लेकर गंभीरता दिखाई। सुरक्षा व्यवस्था, खानपान और रहन-सहन की स्थिति का निरीक्षण किया। बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और देखरेख पर जोर दिया। छोटी-छोटी कमियों पर भी अधिकारियों से जवाब-तलब किया। सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कई बिंदुओं पर तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए, जिससे संबंधित अधिकारियों में स्पष्ट रूप से तनाव और सक्रियता देखी गई।
सामाजिक और शैक्षिक संदेश
राज्यपाल ने अपने संबोधन में समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उठाया कि कम उम्र में रिश्तों और गलत फैसलों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों को पहले शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर ध्यान देना चाहिए। अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को सही दिशा में मार्गदर्शन दें। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चा प्रेम वही है जो समय और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़े, न कि जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से जीवन प्रभावित हो।
शिक्षा सुधार के प्रेरक उदाहरण
राज्यपाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों के सैकड़ों बच्चों को शिक्षा से जोड़ा गया। टॉयलेट निर्माण अभियान के बाद स्कूलों में ड्रॉपआउट दर में भारी कमी आई। अधिकारियों की टीम बनाकर गांव-गांव जाकर शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाई गई
विश्वविद्यालय में बैठक और आगे का कार्यक्रम

दोपहर के बाद राज्यपाल महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगी, जहां शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा होगी। शाम को रामगंगानगर स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल की नई शाखा का उद्घाटन प्रस्तावित है, जिसमें वरिष्ठ नेता संतोष गंगवार की मौजूदगी से राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।
सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता
राज्यपाल के दौरे को देखते हुए पूरे बरेली शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। एयरपोर्ट से लेकर सभी कार्यक्रम स्थलों तक पुलिस का कड़ा पहरा है। कई स्थानों पर रूट डायवर्जन लागू है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश है कि सुरक्षा और व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
