बरातियों की नजर पड़ी तो खुला राज, ग्रामीणों की मशक्कत के बाद बुझी आग, कारण अब तक साफ नहीं
पीलीभीत : यूपी के पीलीभीत जिले के बिलसंडा ब्लॉक क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक पशुशाला में अचानक आग लगने से 9 बेजुबान मवेशियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृत पशुओं में चार गोवंशीय पशु और पांच बकरियां शामिल हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। यह हादसा बिलसंडा क्षेत्र के शिवनगर गौटिया गांव में हुआ, जहां निवासी कृपाराम की पशुशाला उनके घर के ठीक सामने बनी हुई थी। जानकारी के मुताबिक, रोजाना की तरह कृपाराम ने देर शाम अपने सभी पशुओं को पशुशाला में बांधा और परिवार के साथ घर में सोने चले गए।
एक चिंगारी ने ली 9 जान
रात करीब 2 बजे गांव से एक शादी की बरात गुजर रही थी। बरात में शामिल कुछ लोगों ने पशुशाला की ओर से उठता धुआं देखा। पहले तो उन्हें कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब धुआं और तेज होता दिखा तो उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। बरातियों के शोर से गांव में अफरा -तफरी मच गई और लोग नींद से जागकर बाहर निकल आए। कृपाराम और ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कोशिश शुरू की। बाल्टियों और पानी के अन्य साधनों की मदद से काफी देर तक आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग तो बुझ गई, लेकिन तब तक आग ने भयानक रूप ले लिया था और पशुशाला में बंधे मवेशी उसकी चपेट में आ चुके थे।
आजीविका जलकर राख
इस हादसे में दो गाय, एक बछिया, एक बछड़ा और पांच बकरियां जिंदा जलकर मर गईं। पशुओं की चीख -पुकार और जलने की दर्दनाक तस्वीरों ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया। पशुपालक कृपाराम का रो-रोकर बुरा हाल है, क्योंकि ये मवेशी ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पशु चिकित्साधिकारी ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया, जबकि राजस्व टीम ने नुकसान का आकलन शुरू किया। प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदकर सभी मृत पशुओं को दफन कराया गया, ताकि किसी तरह का संक्रमण न फैले।
पशुपालक पर टूटा दुखों का पहाड़
नायब तहसीलदार अवधेश कुमार ने बताया कि घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है और शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमानुसार पशुपालक को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या चिंगारी जैसी आशंकाएं जताई जा रही हैं, लेकिन प्रशासन हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहा है।यह हादसा न सिर्फ एक गरीब पशुपालक के लिए बड़ा आर्थिक नुकसान है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं। अगर समय रहते आग पर काबू न पाया जाता, तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।
