लखीमपुर खीरी : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पढ़ुआ थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार दोपहर मुंडन संस्कार के लिए जा रहे ग्रामीणों की ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 22 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार यह हादसा ढखेरवा चौराहा से बहराइच जनपद के गिरिजापुरी बैराज जाने वाले मार्ग पर बोझिया फार्म के पास हुआ। बताया जा रहा है कि शारदा नगर थाना क्षेत्र के सोहरिया गांव के लोग एक बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए बहराइच के कारीकोट गांव जा रहे थे। इस धार्मिक और पारिवारिक यात्रा के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़ी संख्या में ग्रामीण सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। ट्रैक्टर के साथ दो ट्रॉलियां जुड़ी हुई थीं, जो क्षमता से अधिक सवारियों से भरी हुई थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही ट्रैक्टर बोझिया फार्म के पास पहुंचा, वह अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क पर पलट गया। ट्रैक्टर के पलटते ही दोनों ट्रॉलियां भी उसके साथ गिर गईं, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई। लोग ट्रॉलियों के नीचे दब गए और मदद के लिए आवाजें आने लगीं। हादसे की भयावहता इतनी अधिक थी कि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पढ़ुआ थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। इसके साथ ही आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मदद के लिए पहुंच गए। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और ट्रॉलियों के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से रमियाबेहड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
इस दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं और तीन किशोरियां शामिल हैं। मृतकों की पहचान के बाद गांव में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं 22 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है और गंभीर मरीजों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। रमियाबेहड़ सीएचसी पर अधिकारियों ने घायलों से मुलाकात कर हालात की जानकारी ली। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती जांच में ओवरलोडिंग और वाहन के असंतुलित होने को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के असुरक्षित और ओवरलोडिंग उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन ऐसे हादसे लोगों की जान ले रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी है।
