बरेली : शहर में होने जा रहे 8वें उर्स-ए ताजुश्शरिया को लेकर तैयारियां अब तेज़ हो गई हैं। 23 से 25 अप्रैल तक चलने वाले इस बड़े धार्मिक आयोजन से पहले दरगाह आला हज़रत/ताजुश्शरिया परिसर में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें उर्स की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। उर्स प्रभारी सलमान हसन खान (सलमान मिया) और राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान (फरमान मिया) की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शहरभर से आए वालंटियर्स और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। निर्देश दिए गए कि उर्स के दौरान हर वालंटियर पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करे और जायरीनों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
यह जिम्मेदारी संभालेंगे
ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पुलिस के साथ समन्वय, भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान, साफ -सफाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना है। इसके साथ ही जमात रज़ा-ए-मुस्तफा की ओर से बताया गया कि उर्स के दौरान बड़ी संख्या में जायरीनों के लिए लगातार लंगर की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया जा रहा है, जो लंगर की तैयारी, वितरण, साफ-सफाई की जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके साथ ही बड़े स्तर पर मेडिकल कैंप भी लगाए जाएंगे।खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता पर खास निगरानी रखी जाएगी
उलेमा ने बताया उर्स का महत्व
इस मौके पर सय्यद अजीमुद्दीन रज़वी ने हुज़ूर ताजुश्शरिया के फ़ज़ाइल बयान करते हुए कहा कि “यह उर्स बरकतों का ज़रिया है, यहां की दुआएं कबूल होती हैं।”वहीं मौलाना निजामुद्दीन ने कहा कि “हुज़ूर ताजुश्शरिया अपने दौर के बड़े आलिम, मुफस्सिर और शायर थे, जिन्होंने आला हज़रत के पैगाम को दुनिया भर में फैलाया।”
23 से 25 अप्रैल तक होगा रूहानी आयोजन
जमात रज़ा-ए मुस्तफा के महासचिव फरमान हसन खां ने बताया कि 23 अप्रैल को ग़ुस्ल व संदल से उर्स की शुरुआत, 24 अप्रैल को कुरआन ख्वानी, जुमे की नमाज, बयान और, कुल शरीफ, 25 अप्रैल को कुल शरीफ, नात-ओ-मनकबत और मेहफिल के साथ समापन होगा।
प्रशासन भी अलर्ट मोड में
उर्स में लाखों जायरीनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और इंतजामिया ने सुरक्षा, ट्रैफिक और व्यवस्था को लेकर तैयारी तेज कर दी है, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।
