कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार ने अब जोर पकड़ लिया है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रायगंज और मालदा में जनसभाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा, आरएसएस और सत्तारूढ़ टीएमसी पर तीखे हमले किए। रायगंज में आयोजित सभा में राहुल गांधी ने भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अंबेडकर, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने देश को जो संविधान दिया, आज उस पर खतरा मंडरा रहा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की विचारधारा संविधान को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह हमला सीधे तौर पर नहीं बल्कि संवैधानिक संस्थाओं में अपने लोगों को बैठाकर और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करके किया जा रहा है। राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उनका संघर्ष नफरत की राजनीति के खिलाफ है और वे “नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान” खोलने आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री उनसे आंख मिलाकर बात नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश की नीतियों पर बाहरी प्रभाव है और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अप्रत्यक्ष नियंत्रण भारत की नीतियों पर पड़ रहा है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी राहुल गांधी ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की डील से देश के लघु और मध्यम उद्योगों को भारी नुकसान होगा, किसान प्रभावित होंगे और बेरोजगारी बढ़ेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसी नीतियां जारी रहीं, तो आर्थिक असमानता और गहराएगी। अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी और प्रधानमंत्री मोदी के रिश्तों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसा सिस्टम बना दिया है, जहां पार्टी का पैसा अडानी के पास है और इसे उन्होंने “मोदानी” मॉडल करार दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि अडानी पर अमेरिका में केस चल रहा है और वे विदेश नहीं जा सकते।
मालदा में आयोजित दूसरी रैली में राहुल गांधी ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया, जिसे SIR अभ्यास कहा जा रहा है, को असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है, तो जिन लोगों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें फिर से जोड़ा जाएगा। राहुल गांधी ने टीएमसी और वामपंथी दलों पर भी हमला करते हुए कहा कि इन दलों ने मिलकर पश्चिम बंगाल के औद्योगिक ढांचे को कमजोर कर दिया है। उन्होंने शारदा और रोज वैली चिटफंड घोटालों का जिक्र करते हुए टीएमसी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और कहा कि इस मामले में टीएमसी और भाजपा में कोई फर्क नहीं है।
रायगंज सीट के संदर्भ में उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने मोहित सेनगुप्ता को उम्मीदवार बनाया है, जिनका मुकाबला टीएमसी के कृष्णा कल्याणी और भाजपा के कौशिक चौधरी से है। यह सीट चुनावी दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। कांग्रेस इस चुनाव में राज्य में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के प्रयास में जुटी है। राहुल गांधी की इन सभाओं से यह साफ संकेत मिलता है कि कांग्रेस इस बार आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरी है और भाजपा व टीएमसी दोनों को एक साथ चुनौती देने की कोशिश कर रही है। अब देखना होगा कि जनता इस राजनीतिक मुकाबले में किसके पक्ष में फैसला सुनाती है।
