दरगाह आला हज़रत और सुन्नी मरकज़ का फैसला, 30 रोज़े पूरे कर मनाई जाएगी ईद
बरेली : दरगाह आला हज़रत से ईद-उल-फितर को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है। गुरुवार को शव्वाल का चांद देखने का एहतिमाम किया गया, लेकिन आसमान में चांद नज़र नहीं आया। इसके बाद उलमा -ए- कराम ने शरई उसूल के तहत 30 रोज़े पूरे करने का ऐलान करते हुए 21 मार्च (शनिवार) को ईद मनाने की पुष्टि की है।
सुन्नी मरकज़ का ऐलान, 21 मार्च को ईद
जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन ख़ान (फरमान मियां) ने बताया कि सुन्नी मरकज़ से भी चांद नजर आने की कोई शरई शहादत नहीं मिली है।आसपास के जिलों से भी चांद दिखने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में 30 रोज़े पूरे कर 21 मार्च को पूरे हिंदुस्तान में ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। हालांकि, अगर कहीं से शरई गवाही मिलती है तो सूचना दी जाएगी।
कल अदा होगी जुमा-तुल-विदा की नमाज़
20 मार्च (जुमे) को रमज़ान का आखिरी जुम्मा यानी जुमा-तुल-विदा अदा किया जाएगा। दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने बताया कि इस बार रमज़ान के 30 रोज़े पूरे होंगे और उसी के बाद ईद मनाई जाएगी।
नमाज़ का पूरा शेड्यूल
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी के अनुसार किला की जामा मस्जिद में मुख्य नमाज़ दोपहर 1:30 बजे, दरगाह आला हज़रत में नमाज़ दोपहर 3:30 बजे होगी। इसी तरह से अन्य मस्जिदों में तय समय पर नमाज अदा होगी।
25 साल बाद खास बना रमज़ान
इस बार रमज़ान इसलिए भी खास रहा क्योंकि करीब 25 साल बाद 5 जुमे पड़े हैं। जुमा-तुल-विदा और ईद के बीच उत्साह चरम पर है। बड़ी संख्या में नमाज़ियों के जुटने की संभावना है। इसके साथ ही ईद को लेकर प्रशासन से विशेष तैयारी की है। दरगाह परिसर में हुई बैठक में जिला प्रशासन से अपील की गई कि ईदगाह, दरगाह और मस्जिदों के आसपास सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए। प्रकाश व्यवस्था बेहतर की जाए, और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। इस बैठक में शहर के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे और ईद को शांतिपूर्ण व व्यवस्थित तरीके से मनाने पर जोर दिया गया।
