माह-ए-रमज़ान की बरकतों के बीच बड़ी तादाद में रोज़ेदारों ने की शिरकत, कुरआन-ख्वानी के बाद खजूर और पानी से खोला रोज़ा
बरेली : माह-ए-रमज़ान की बरकतों के बीच बरेली की मशहूर दरगाह खानकाह आलिया चिश्तिया साबिरिया में सामूहिक रोज़ा इफ्तार का रूहानी आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी तादाद में रोज़ेदारों और अकीदतमंदों ने शिरकत की और एक साथ बैठकर रोज़ा इफ्तार किया। इफ्तार से पहले कुरआन -ख्वानी और दुआ का सिलसिला हुआ। जिसमें मुल्क में अमन -ओ- चैन, तरक्की और इंसानियत की भलाई के लिए खास दुआएं की गईं।खानकाह के खलीफा हाफिज तस्लीम रजा साबरी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में रोज़ेदारों ने अज़ान-ए-मगरिब के बाद खजूर और पानी से रोज़ा खोला। इसके बाद नमाज़-ए-मगरिब अदा की गई और देश-दुनिया में शांति व भाईचारे की दुआ की गई।
सब्र और बरकतों का महीना
इस अवसर पर हाफिज तस्लीम रजा साबरी ने रमज़ान की फज़ीलत बयान करते हुए कहा कि यह महीना सब्र, रहमत और बरकत का पैगाम देता है। उन्होंने कहा कि रोज़ा इंसान को तक़वा, सब्र और इंसानियत का सबक देता है, इसलिए इस पाक महीने में इबादत, खैरात और नेक कामों को बढ़ाना चाहिए। कार्यक्रम में खानकाह से जुड़े उलेमा, अकीदतमंद और बड़ी संख्या में रोज़ेदार मौजूद रहे। सामूहिक इफ्तार के इस आयोजन ने माह-ए-रमज़ान के भाईचारे और एकता के संदेश को और मजबूत किया।
