बरेली : यूपी के बरेली देहात के क्योलड़िया थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में शादी के दौरान हुई हत्या के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे (एचजेएस) तबरेज अहमद की अदालत ने भूपराम, उमेश उर्फ उमेंद्र सिंह और पवन (निवासी ग्राम मैथी नवदिया, थाना क्योलड़िया) को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
बरात में जाते वक्त किया गया था हमला
घटना 19 जून 2020 की है। ग्राम मैथी नवदिया निवासी कुंवरसेन गांव में ही एक शादी की बरात में शामिल होने जा रहे थे। जैसे ही वह लेखपाल फकीरचंद के मकान के सामने पहुंचे। यहां पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कुंवरसेन को तत्काल सीएचसी नवाबगंज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पत्नी की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
इस घटना के बाद मृतक की पत्नी मंजू रानी की तहरीर पर क्योलड़िया थाना में भूपराम, उमेश उर्फ उमेंद्र सिंह और पवन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की।
सबूतों और गवाहों ने मजबूत किया केस
जांच के दौरान पुलिस ने खून लगी मिट्टी, मृतक के कपड़े और वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद किए।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी धारदार हथियार से हमला होने की पुष्टि हुई।अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा।
अदालत ने माना सामूहिक साजिश
सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि तीनों आरोपियों ने मिलकर सामूहिक मंशा और साजिश के तहत हत्या की। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जमानत रद्द, सीधे जेल भेजे गए
फैसले के समय तीनों आरोपी जमानत पर थे। अदालत ने उनकी जमानत निरस्त कर उन्हें हिरासत में लेने के आदेश दिए और सजा काटने के लिए जिला कारागार बरेली भेज दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि 50-50 हजार रुपये का जुर्माना जमा नहीं किया गया, तो दोषियों को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
