पूर्व सीएम ने कहा – एनएसजी सुरक्षा क्यों हटाई? डिफेंस कॉरिडोर पर तंज, सुरक्षा, अग्निवीर और किसान मुद्दे पर वार
झांसी/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को झांसी दौरे के दौरान प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बुंदेलखंड के डिफेंस कॉरिडोर, एरच डैम, सुरक्षा प्रोटोकॉल, अग्निवीर योजना और आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कई सवाल उठाए।
एनएसजी सुरक्षा क्यों हटाई गई?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार सुरक्षा से खिलवाड़ करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें मिली एनएसजी सुरक्षा क्यों हटाई गई और उस निर्णय के पीछे क्या रिपोर्ट थी।उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाने और आवास खाली कराने जैसे फैसले भी इसी प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के लिए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए।
डिफेंस कॉरिडोर पर तंज
बुंदेलखंड में प्रस्तावित डिफेंस कॉरिडोर का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “इतने ढोल पीटे गए, लेकिन अब तक सुतली बम भी नहीं बन पाया।” उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े वादों के बावजूद ज़मीनी स्तर पर अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही।
2027 में भाजपा पूरी तरह बाहर होगी
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा अध्यक्ष ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को “थोड़ा बाहर” किया है और 2027 में पूरी तरह बाहर कर देगी।उन्होंने भाजपा के अंदरूनी मतभेदों पर भी टिप्पणी की और कहा कि जनता बदलाव चाहती है।
किसान-नौजवान प्राथमिकता में
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर किसान, खेत और पैदावार प्राथमिकता में होंगे। उन्होंने बुंदेलखंड के बिजली प्लांट और अन्य परियोजनाओं को समाजवादी सरकार की देन बताया। साथ ही अग्निवीर योजना को लेकर कहा कि इससे युवाओं की पारंपरिक सैन्य भर्ती की राह प्रभावित हुई है।
धार्मिक मुद्दों और कानून-व्यवस्था पर हमला
प्रयागराज में माघ मेले के दौरान कथित घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी से गलती हो जाए, तो माफी मांगना साहस का काम है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोधियों को “उपद्रवी” कहती है, जबकि खुद पर लगे मामलों को वापस लिया गया।
एआई समिट और लोकतंत्र पर टिप्पणी
उन्होंने लोकतंत्र और सेकुलर ढांचे की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा ही देश और लोकतंत्र को मजबूत कर सकती है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि जनता बदलाव का मन बना चुकी है।
