सुल्तानपुर : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में शुक्रवार को सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया। धारा 313 के तहत करीब आधे घंटे तक चली इस प्रक्रिया के दौरान कोर्ट कक्ष का दरवाजा बंद रखा गया। राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताया। अदालत ने मामले में बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य पेश करने के लिए अगली तारीख 9 मार्च तय की है।
कड़ी सुरक्षा, समर्थकों की भारी भीड़
राहुल गांधी की पेशी को देखते हुए दीवानी न्यायालय परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कोर्ट कक्ष से लेकर बाहर तक पुलिस बल तैनात रहा। डॉग स्क्वायड द्वारा पहले ही पूरे परिसर की तलाशी ली गई। सुरक्षा व्यवस्था में एक एएसपी और चार सीओ समेत भारी पुलिस बल लगाया गया। अदालत परिसर के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने में सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरतता नजर आया।
क्या है मानहानि का पूरा मामला
यह मामला कर्नाटक में आयोजित एक प्रेसवार्ता से जुड़ा है, जहां राहुल गांधी पर अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। इसी को लेकर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष एवं भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के विरुद्ध मानहानि का परिवाद दायर किया था। इस केस में राहुल गांधी 26 जुलाई 2024 को कोर्ट में पेश हुए थे, लेकिन इसके बाद कई तारीखों पर अनुपस्थित रहे। 19 जनवरी को गैरहाजिरी के बाद अदालत ने 20 फरवरी को उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। अब 9 मार्च को अदालत में बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य पेश किए जाएंगे, जिसके बाद मामले की आगे की दिशा तय होगी।
