बरेली : शहर में क्रिटिकल केयर अस्पताल के लिए भूमि आवंटन न होने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जनक प्रसाद डीएम से मुलाकात की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन उनकी मुलाकात सिटी मजिस्ट्रेट से भी नहीं हो सकी। इसके विरोध में उन्होंने कलेक्ट गेट के बाहर जमीन पर बैठकर प्रदर्शन किया और “मंत्री के नाम से मुर्दाबाद” के नारे लगाए।
2021 से लंबित है मांग, 2026 में मौका छिनने का आरोप
जनक प्रसाद ने मीडिया को बताया कि वर्ष 2021 से बरेली में क्रिटिकल केयर अस्पताल के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। उनका दावा है कि कमिश्नर स्तर पर प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी थी, लेकिन जिला प्रशासन उपयुक्त भूमि चिन्हित नहीं कर सका। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण वर्ष 2026 में यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना बरेली से चली गई। उनके मुताबिक यह मुद्दा सीधे तौर पर जनहित और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा है।
भूमि कीमतों में भारी उछाल का मुद्दा
आप नेताओं ने कहा कि डोरा रोड क्षेत्र में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, लेकिन वहां जमीन की कीमतें बीते वर्षों में कई गुना बढ़ गई हैं। पहले कीमत 5,000-7,000 प्रति वर्ग गज थी। अब 35,000-50,000 और कुछ स्थानों पर 70,000 प्रति वर्ग गज तक पहुंच चुकी है। पार्टी का आरोप है कि जहां निजी और व्यापारिक परियोजनाओं के लिए भूमि तेजी से चिन्हित हो जाती है, वहीं जनसेवा से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता नहीं मिलती।
प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल
जनक प्रसाद ने सवाल उठाया कि क्या जनहित की योजनाओं के प्रति प्रशासन पर्याप्त संवेदनशील नहीं है, या फिर निजी हितों के चलते स्वास्थ्य सुविधाओं को पीछे रखा जा रहा है?धरने में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे और अस्पताल के लिए शीघ्र भूमि आवंटन की मांग दोहराई गई।उन्होंने क्रिटिकल केयर अस्पताल के लिए भूमि चिन्हांकन पर पुनर्विचार भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बरेली में एम्स जैसे उच्च स्तरीय संस्थान की स्थापना
