बरेली : उत्तर रेलवे के बरेली जंक्शन की वॉशिंग लाइन और स्टोर से अलग -अलग ट्रेनों के 142 कोचों की 1200 से अधिक बैटरियां गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है। यह मामला जब उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तो उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल मुख्यालय में खलबली मच गई। बताया जाता है कि मंडल मुख्यालय में स्टोर इंचार्ज समेत कई अधिकारियों की पेशी हुई और विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि, इस मामले में इंस्पेक्टर आरपीएफ से जानकारी की कोशिश की। मगर, उनका फोन नहीं उठा। बरेली जंक्शन पर 135 बैट्री गायब होने की चर्चा है।
स्टॉक मिलान में खुला बड़ा खेल
जानकारी के मुताबिक, जंक्शन के पूर्वी आउटर स्थित वॉशिंग लाइन में ट्रेनों के कोचों की मरम्मत और तकनीकी देखभाल की जाती है। उसके पास में ही स्टोर है, जहां पुरानी बैटरियां और अन्य इलेक्ट्रिकल सामग्री रखी जाती है। हाल ही में स्टॉक का मिलान किया गया, तो 142 कोचों से 1200 से अधिक बैटरियां गायब मिलीं। बैटरियों की बाजार कीमत काफी अधिक बताई जा रही है, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है। सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से बैटरियां और स्क्रैप गायब होता रहा, लेकिन किसी स्तर पर गंभीर निगरानी नहीं की गई।
इलेक्ट्रिक विभाग और सुरक्षा पर सवाल
रेलवे कोचों में बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी इलेक्ट्रिक विभाग की होती है। वहीं रेलवे संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के पास रहती है। इतनी बड़ी संख्या में बैटरियों के गायब होने से आरपीएफ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले में आरपीएफ की भूमिका की भी जांच की जाएगी।रेलवे परिसर के आसपास अस्पताल और कॉलोनी होने के बावजूद इतनी बड़ी चोरी का लंबे समय तक सामने न आना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
मंडल मुख्यालय तक गूंजा मामला
मुरादाबाद मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम) आदित्य गुप्ता ने मीडिया को बताया कि विभागीय जांच जारी है। जांच पूरी होने से पहले बैटरियों की सटीक संख्या और नुकसान का अंतिम आकलन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
