देवरिया : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के विरोध में बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री अब पूरी तरह से सक्रिय राजनीति में उतर चुके हैं। 13 फरवरी को उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी सनातनी संस्कृति पार्टी के गठन का ऐलान किया था और अब उन्होंने आगामी चुनाव को लेकर बड़ा खुलासा भी कर दिया है।
देवरिया में यूजीसी बिल समेत अन्य कानूनों के विरोध में आयोजित महापंचायत में शिरकत करते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने ऐलान किया कि वह आने वाले लोकसभा चुनाव में काशी से चुनाव मैदान में उतरेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश में जनतंत्र कमजोर हुआ है और कई कानून नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट और यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और इन्हें अन्यायपूर्ण करार दिया।
महापंचायत का आयोजन शहर के महारानी चंडिका छात्रावास में समान न्याय संघर्ष समिति के बैनर तले किया गया था। इस दौरान यूजीसी रेगुलेशन 2026 समेत केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कई कानूनों को “काला कानून” बताते हुए उन्हें समाप्त करने की मांग उठाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए केंद्र सरकार भय का माहौल बना रही है। उन्होंने सवर्ण समाज के सांसदों और विधायकों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में ब्राह्मण बटुकों की चोटी पकड़े जाने जैसी घटनाओं पर जो जनप्रतिनिधि समाज के नाम पर आंसू बहाते हैं, वे वास्तविक अन्याय के समय चुप क्यों रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब बेटियों को गालियां दी जा रही होती हैं, तब भी कई जनप्रतिनिधि मौन साध लेते हैं।
अलंकार अग्निहोत्री ने साफ कहा कि सवर्ण समाज समेत पूरे समाज का हित तभी संभव है, जब ईमानदार और साहसी लोग सदन में पहुंचेंगे। इसी उद्देश्य से उन्होंने राजनीति में उतरने और काशी से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने दोहराया कि सनातनी संस्कृति पार्टी समाज, संस्कृति और न्याय के मुद्दों को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। उनके इस ऐलान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और काशी की सियासत पर सबकी निगाहें टिक गई हैं।
