लखनऊ/बरेली: यूपी की राजधानी लखनऊ में विधानसभा घेराव को निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर ही रोक लिया। विधानसभा कूच की कोशिश कर रहे कार्यकर्ताओं को चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर घेर लिया गया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इस मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई, और कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदेश अध्यक्ष, धरने पर बैठे नेता
घेराव के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें नीचे उतारा। विधानसभा जाने पर अड़े कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान विधायक आराधना मिश्रा समेत कई नेता भी मौके पर मौजूद रहे।
मनरेगा और कानून व्यवस्था का मुद्दा
बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने मनरेगा और कानून व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। इस समय विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। जिसे देखते हुए पुलिस पहले से अलर्ट थी। एहतियात के तौर पर कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को नजरबंद भी किया गया था।

बरेली से बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता
इसी आंदोलन में बरेली से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता लखनऊ पहुंचे। बरेली महानगर अध्यक्ष दिनेश दद्दा के नेतृत्व में कार्यकर्ता विधानसभा घेराव में शामिल हुए।
पुलिस की रोक के बावजूद पहुंचे लखनऊ
कांग्रेस प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने बताया कि बरेली में पुलिस की ओर से रोकने के प्रयास किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कार्यकर्ता अलग-अलग रास्तों से लखनऊ पहुंचने में सफल रहे। विधानसभा घेराव के दौरान करीब दो घंटे तक प्रदर्शन और नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन के बाद गिरफ्तारी, इको गार्डन भेजे गए
प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बरेली से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। कांग्रेस की ओर से बताया गया कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष असफाक सक्लेनी समेत कई नेताओं को दो दिन पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
रेल मार्ग से पहुंचे कई कांग्रेसी
इस आंदोलन में उल्फत सिंह कठेरिया, दिनेश कुमार वाल्मीकि, विनोद कुमार, ओम प्रकाश, जितेंद्र सिंह, रविंद्र प्रसाद और सतीश कुमार सहित कई कार्यकर्ता रेल मार्ग से लखनऊ पहुंचे थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने हिरासत में लिया।

आगे की रणनीति पर नजर
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक था। फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन की आगे की कार्रवाई और कांग्रेस की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।
