यह शादी के 4 साल बाद मौत, कोर्ट ने कहा—दहेज अपराध बर्दाश्त नहीं
बरेली: दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी पति को दोषी करार दिया है। यह फैसला एडीजे तबरेज़ अहमद की अदालत ने सोमवार को सुनाया, जिसने दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोपों को प्रमाणित मानते हुए सजा तय की।
शादी के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न
मामले के अनुसार, वादी चंद्रपाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसकी बहन गीता की शादी वर्ष 2016 में विष्णु, निवासी सिंह गौटिया थाना बहेड़ी हुई थी। शादी के लगभग एक साल बाद से ही आरोपी पति गीता के साथ मारपीट करने लगा था और उस पर दहेज को लेकर लगातार दबाव बनाया जाता था।
जहर खिलाने का आरोप और इलाज के दौरान मौत
13 नवंबर 2020 को गीता की हालत अचानक गंभीर हो गई। आरोप है कि पति विष्णु ने उसे जहर खिला दिया। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल बरेली लेकर पहुंचे, जहां से हालत नाजुक होने पर लखनऊ के केजीएमयू रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान 20 नवंबर 2020 को गीता की मौत हो गई थी।
जांच, चार्जशीट और कोर्ट में सुनवाई
घटना के बाद थाना बहेड़ी में मुकदमा दर्ज किया गया। पहले मामला धारा 328 आईपीसी में दर्ज हुआ, लेकिन मौत के बाद इसमें धारा 304बी, 498ए आईपीसी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराएं जोड़ी गईं। पुलिस ने पंचायतनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
सजा, मुआवजा और आगे की कार्रवाई
अदालत ने आरोपी विष्णु को धारा 304बी आईपीसी में 8 वर्ष, धारा 498ए आईपीसी में 2 वर्ष और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत 1 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया। कोर्ट ने आदेश दिया कि वसूली गई जुर्माने की राशि पीड़िता के बेटे को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। इसके अलावा रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष योजना के तहत पीड़िता के बच्चे को 3 लाख रुपये देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
