बुलंदशहर : अगौता थाना क्षेत्र में स्थित अनामिका शुगर मिल में कार्यरत एक कामगार द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। आर्थिक तंगी और कथित मानसिक दबाव से परेशान होकर 50 वर्षीय शरीफ ने आत्मघाती कदम उठा लिया। मृतक शरीफ अगौता कस्बे का निवासी था और पिछले करीब 20 वर्षों से शुगर मिल में कार्यरत था। इस हृदयविदारक घटना के बाद न केवल मृतक का परिवार बल्कि स्थानीय ग्रामीण भी गहरे आक्रोश में नजर आए।
मिली जानकारी के अनुसार, शरीफ ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने लिखा कि उसके घर में “एक चुटकी आटा भी नहीं बचा है” और इसी आर्थिक बदहाली के चलते वह यह कदम उठा रहा है। सुसाइड नोट सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। परिजनों का कहना है कि शरीफ लंबे समय से मानसिक तनाव में था और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी।

शरीफ की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और शुगर मिल के गेट पर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन कर रहे लोग मिल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय और मुआवजे की मांग करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर अगौता थाना पुलिस के साथ प्रखर पांडेय पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को ग्रामीणों के बीच से हटवाया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि शुगर मिल प्रबंधन द्वारा शरीफ पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि मिल प्रबंधन की वजह से ही शरीफ इस हद तक टूट गया कि उसे आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। उन्होंने मांग की है कि मृतक के बेटे को शुगर मिल में नौकरी दी जाए और परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
स्थानीय समाजसेवी रहीस ने बताया कि शरीफ मिल से पेस्टीसाइड लेकर किसानों में वितरण का काम करता था। उनका आरोप है कि मिल प्रबंधन द्वारा शरीफ पर ढाई लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया जा रहा था, जबकि किसानों से वह रकम उसे मिल नहीं पा रही थी। इसी दबाव के कारण शरीफ मानसिक रूप से टूट गया। समाजसेवी और ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
वहीं, शुगर मिल के चेयरमैन जितेंद्र सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आत्महत्या के मामले में मिल प्रबंधन का कोई दोष नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मिल प्रबंधन की पूरी सहानुभूति पीड़ित परिवार के साथ है और यथासंभव सहायता की जाएगी।
इस पूरे मामले में सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने बताया कि परिजनों से तहरीर ले ली गई है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
