नौजवान हुड़दंग से बचें, शहर में सफाई व रौशनी की मांग,कब्रिस्तानों और मस्जिदों में करें इबादत
बरेली: शब-ए- बारात की मुक़द्दस और फज़ीलत वाली रात 03 फरवरी को देशभर में अकीदत और एहतराम के साथ मनाई जाएगी। इस रात मुसलमान पूरी रात जागकर अल्लाह की इबादत करते हैं। मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों में साफ -सफाई व रौशनी की जाती है। लोग अपने बुजुर्गों की मजारों पर हाज़िरी देते हैं और अपने उन अज़ीज़ों के लिए इसाले सवाब करते हैं, जो इस दुनिया से रुख़्सत हो चुके हैं। दरगाह आला हज़रत के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि इस मौके पर दरगाह के सज्जादानशीन बदरूशरिया मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) ने दरगाह मुख्यालय पर शब-ए-बारात की फज़ीलत बयान करते हुए कहा कि यह रात रहमत, बरकत और मग़फिरत की रात है। अहसन मियां ने हदीस का हवाला देते हुए बताया कि,“जब शाबान की पंद्रहवीं रात आए, तो इबादत करो और इसके दिन रोज़ा रखो।”उन्होंने कहा कि इस रात अल्लाह अपने बंदों की दुआएं क़ुबूल करता है। मुसलमानों को चाहिए कि वे कसरत से अल्लाह का ज़िक्र करें, जो नमाज़ें कज़ा हो गई हों, उन्हें अदा करें, नफ़्ल नमाज़ पढ़ें, तस्बीह, इस्तग़फार और क़ुरआन की तिलावत करें। यह रात गुनाहों से निजात पाने और तौबा करने का बेहतरीन मौका है।
बेसहारा, बेवाओं, यतीमों और ज़रूरतमंदों की करें मदद
मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि शब-ए-बारात के मौके पर बेसहारा, बेवाओं,यतीमों और ज़रूरतमंदों की मदद करनी चाहिए। उन्हें खाना खिलाना और भलाई के काम करना बड़ी इबादत है। उन्होंने खास तौर पर नौजवानों से अपील की कि इस रात बाइक स्टंट, शोर -शराबा और हुड़दंग से पूरी तरह परहेज़ करें और रात को इबादत व सब्र के साथ गुजारें।
नगर निगम से साफ सफाई की मांग
दरगाह के शाहिद खान नूरी, हाजी जावेद खान, अजमल नूरी,औरंगज़ेब नूरी, परवेज़ नूरी, ताहिर अल्वी और मंजूर रज़ा ने नगर निगम से मांग की है कि शहर की तमाम दरगाहों, खानकाहों, मस्जिदों और कब्रिस्तानों के आसपास विशेष सफाई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि अकीदतमंदों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस मौके पर मौलाना बशीरूल क़ादरी, मुजाहिद रज़ा, शान रज़ा, इशरत नूरी, सैय्यद माजिद, सैय्यद एजाज़, युनुस गद्दी, काशिफ सुभानी, साजिद नूरी, सुहैल रज़ा, शाद रज़ा, अरवाज़ रज़ा,अमान रज़ा, हाजी शरिक नूरी, तारिक, सईद, शरिक बरकाती, सबलू अल्वी, आरिफ नूरी सहित बड़ी संख्या में जिम्मेदार और अकीदतमंद मौजूद रहे।
