एसपी चीफ का बिहार के टूटे पुल पर तंज “जोड़ने वाले ही टूट रहे हैं”
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वेस्ट बंगाल समेत पांच राज्यों के रिजल्ट आने के बाद शायराना अंदाज़ में सत्तारूढ़ सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए दो पंक्तियों में ऐसा तंज कसा, जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। अखिलेश यादव ने लिखा-“हर फ़रेबी फ़तह की एक मियाद होती है,ये बात ही ‘सच्चाई की बुनियाद’ होती है।”उनके इस बयान को राजनीतिक जानकार मौजूदा सत्ता पर अप्रत्यक्ष हमला मान रहे हैं। माना जा रहा है कि सपा प्रमुख ने सरकार के दावों और उपलब्धियों पर सवाल उठाते हुए यह संदेश दिया है कि सच्चाई देर-सबेर सामने आ ही जाती है।
शेर के जरिए सियासी हमला
हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस शेर को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। समर्थक इसे सरकार की नीतियों पर सटीक टिप्पणी बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे महज राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहे हैं। गौरतलब है कि हाल के दिनों में प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष जहां विकास और उपलब्धियों का दावा कर रहा है, वहीं विपक्ष लगातार सवाल उठाकर सरकार को घेरने की कोशिश में जुटा है। अखिलेश यादव का यह शायराना तंज एक बार फिर इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
बिहार के टूटे पुल पर अखिलेश यादव का तंज: “जोड़ने वाले ही टूट रहे हैं”

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बिहार में पुल गिरने की घटना पर सोशल मीडिया के जरिए तीखा तंज कसा है। उन्होंने टूटे पुल की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “टूट रहे हैं वो पुल, जिनका काम है जोड़ना!” उनके इस ट्वीट को खराब निर्माण और सिस्टम पर सवाल के तौर पर देखा जा रहा है। हाल के समय में बिहार में कई पुल गिरने की घटनाओं को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इसके अलावा सोमवार को बरेली के आंवला में भी एक साल पहले बना ओवरहेड टैंक गिरा है, तो वहीं सिद्धार्थनगर में भी टंकी का एक हिस्सा गिर गया था। जिसके चलते एक बच्चे की मौत हो गई थी, तो वहीं कुछ फंसे बच्चों को एयर लिफ्ट किया गया था। अखिलेश यादव का यह बयान एक बार फिर निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर बहस को तेज कर रहा है।
