ऑनलाइन शॉपिंग में बड़ा फर्जीवाड़ा! मोबाइल की जगह साबुन भेजने पर अमेजन पर एक लाख से ज्यादा का जुर्माना
बरेली : ऑनलाइन शॉपिंग में लापरवाही और उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय ने अमेजन ऑनलाइन डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज प्रा. लि. (बेंगलुरू, कर्नाटक) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने अमेजन को उपभोक्ता को मोबाइल की पूरी कीमत लौटाने के साथ ब्याज, मानसिक क्षतिपूर्ति और वाद व्यय देने का आदेश दिया है।
मोबाइल की जगह निकला साबुन

सिद्धार्थ नगर निवासी केतन सक्सेना ने अमेजन के माध्यम से ऑनलाइन 61,999 रुपये का मोबाइल फोन ऑर्डर किया था। लेकिन जब डिलीवरी के बाद उन्होंने सीलबंद पैकेट खोला तो उसमें मोबाइल की जगह साबुन निकला। उपभोक्ता ने तुरंत कंपनी से शिकायत की, लेकिन कई बार संपर्क करने के बावजूद अमेजन ने न तो मोबाइल बदला और न ही धनराशि वापस की।
उपभोक्ता आयोग की शरण में पहुंचा मामला
कंपनी से समाधान न मिलने पर केतन सक्सेना ने अपने अधिवक्ता धीरज सक्सेना के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान अमेजन की ओर से कोई प्रभावी जवाब या उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई, जिस पर आयोग ने एकपक्षीय निर्णय सुनाया।
45 दिन में भुगतान का आदेश
आयोग के अध्यक्ष दीपक कुमार त्रिपाठी और सदस्य दिनेश कुमार गुप्ता की पीठ ने अमेजन को आदेश दिया कि वह 45 दिनों के भीतर उपभोक्ता को मोबाइल की कीमत 61,999 रुपये, 20 नवंबर 2024 से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करे।
मानसिक क्षति और वाद व्यय भी देना होगा
इसके अलावा आयोग ने कंपनी को उपभोक्ता को हुई मानसिक व शारीरिक क्षति के लिए 30,000 रुपये और वाद व्यय के रूप में 10,000 रुपये अतिरिक्त देने का भी आदेश दिया है।
ऑनलाइन कंपनियों को सख्त संदेश
इस फैसले को ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह मामला ऑनलाइन खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी सबक है कि समस्या आने पर उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाने से न्याय मिल सकता है।
