कोलकाता : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले से गणतंत्र दिवस की सुबह एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। नजीराबाद इलाके में स्थित एक थर्मोकोल गोदाम में भीषण आग लगने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोगों के लापता होने की सूचना से मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना नरेंद्रपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत नजीराबाद इलाके की है, जहां सुबह अचानक थर्मोकोल गोदाम में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा गोदाम इसकी चपेट में आ गया। गोदाम में ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग पर काबू पाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान पुलिस और दमकल कर्मियों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया, जिसमें अब तक तीन जले हुए शव बरामद किए गए हैं।
बरुईपुर पुलिस जिले के एसपी शुभेंदु कुमार ने बताया कि शव पूरी तरह जल चुके हैं, जिस कारण उनकी पहचान फिलहाल संभव नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में छह लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी, लेकिन अब भी कुछ लोगों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। मलबा पूरी तरह हटाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग में और कितने लोग फंसे थे। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। कई लोग अपने परिजनों की तलाश में मौके पर पहुंचे हैं और प्रशासन से जानकारी की मांग कर रहे हैं। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है, हालांकि पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि थर्मोकोल गोदाम में रखा सारा सामान जलकर पूरी तरह खाक हो चुका है। इस भीषण अग्निकांड में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है, वहीं हादसे ने सुरक्षा मानकों और औद्योगिक गोदामों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
