बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक बेहद सनसनीखेज और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां के फरीदपुर थाना क्षेत्र में टोल प्लाजा के पास सड़क किनारे खड़े एक टैंकर के केबिन में ड्राइवर और उसके साथी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना देर रात की है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। टोल प्लाजा पर काफी देर तक एक टैंकर खड़ा रहने से कर्मचारियों को शक हुआ, जब उन्होंने पास जाकर देखा, तो केबिन के अंदर कोई हलचल नहीं दिखी। तुरंत फरीदपुर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने केबिन खोलकर देखा तो ड्राइवर और कंडक्टर अचेत अवस्था में पड़े मिले।
बेहोशी की हालत में निजी अस्पताल में कराया भर्ती
पुलिस दोनों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले गई। यहां जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि टैंकर असम से उत्तराखंड के रुद्रपुर की ओर जा रहा था, और उसमें मेथेनॉल भरा हुआ था। केबिन के अंदर खाने-पीने का सामान मिला है, जबकि सीट के नीचे कुछ बोतलें भी बरामद हुई हैं, जिनसे तेज दुर्गंध आ रही थी। आशंका जताई जा रही है कि भोजन के दौरान किसी तरह मेथेनॉल का संपर्क या सेवन हो गया, जो दोनों की मौत का कारण बन सकता है।
पीएम रिपोर्ट से होगा खुलासा
पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। मगर, मृतकों की पहचान दिल्ली निवासी पुष्पेंद्र और सुरेंद्र के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के साथ-साथ एसओजी टीम भी मौके पर पहुंच गई। टैंकर, केबिन और आसपास के इलाके की गहन जांच की गई और टैंकर को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रथम जांच में यह खुलासा
इस पूरे मामले पर एसएसपी बरेली अनुराग आर्य ने मीडिया को बताया कि रात के समय पुलिस गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि एक टैंकर के केबिन में ड्राइवर और उसका साथी बेहोश पड़े हैं। अस्पताल ले जाने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि भोजन के दौरान किसी तरह मेथेनॉल का संपर्क या सेवन हुआ है। केबिन में मिली बोतलों से भी मेथेनॉल जैसी गंध आ रही थी। टैंकर मालिक और मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई, और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है, फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। घटना ने एक बार फिर खतरनाक केमिकल के परिवहन और उससे जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
