जल से जीवन को ख़तरा है? भाजपा के विकास मॉडल पर सपा प्रमुख का बड़ा तंज
लखनऊ : देश के अलग-अलग हिस्सों में दूषित पानी से फैल रही बीमारियों को लेकर अब सियासत तेज़ हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा के तथाकथित ‘ट्रिपल इंजन’ वाले राज्यों में जनता को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार हो गए हैं। यह साफ दिखाता है कि भाजपा सिर्फ नारे देती है, ज़मीनी हकीकत से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
ट्रिपल इंजन फेल, दूषित पानी से जनता बीमार
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “भाजपा, तो नगर पालिका भी संभालने लायक नहीं है। प्रदेश और देश क्या संभालेगी?। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा कि पानी जैसी जीवनदायिनी चीज़ में भी अगर मिलावट और लापरवाही हो रही है, तो यह इस बात का प्रमाण है कि भ्रष्टाचार के कारण भाजपा नेताओं की “आँख का पानी मर चुका है।”उन्होंने उत्तर प्रदेश का ज़िक्र करते हुए कहा कि वहां भी भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की वजह से पानी की टंकियों के गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं, जो सीधे तौर पर जनता की जान से खिलवाड़ है।
भाजपा जाए तो जीवन बच जाए!
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भाजपा के प्रचारित नारे ‘जल से जीवन है’ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज जनता के बीच यह नारा बदलकर ‘जल से जीवन को ख़तरा है’ बन चुका है। उन्होंने कहा कि इंदौर में भाजपा पुरानी बस्तियों को बहाना बना रही है, लेकिन गुजरात की राजधानी गांधीनगर, जो स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित की गई है और जहां नई पाइपलाइन बिछाई गई हैं, वहां अब भाजपा किसे दोष देगी?
गुजरात मॉडल पर सवाल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि अब जनता खुद सवाल कर रही है “अगर यही है गुजरात के विकास का मॉडल, तो न भाजपा चाहिए और न ही उनका विकास मॉडल।”अपने बयान के अंत में उन्होंने तीखे शब्दों में कहा “भाजपा जाए तो जीवन बच जाए।”“देश कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!”अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब, देश के कई हिस्सों में पानी की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, और आने वाले चुनावों से पहले यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बनता नजर आ रहा है।
