बरेली: समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश और भारत में अल्पसंख्यकों पर हो रही कथित हिंसा और उत्पीड़न के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। सपा कार्यकर्ताओं ने इसे मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
बांग्लादेश की घटनाओं पर चिंता
ज्ञापन में बांग्लादेश में धर्म के आधार पर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई गई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि निर्दोष लोगों पर हो रही हिंसा न केवल वहां की आंतरिक समस्या है, बल्कि यह पूरी मानवता के लिए शर्मनाक स्थिति है।
भारत में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाओं का जिक्र
सपा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में भारत, खासकर उत्तर प्रदेश में सामने आ रही लिंचिंग, धार्मिक उत्पीड़न और हिंसा की घटनाओं का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाएं देश की सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को भी प्रभावित कर रही हैं।
सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग
ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की गई कि वह बांग्लादेश सरकार से कूटनीतिक बातचीत कर वहां के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और विदेश मंत्रालय इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाए। साथ ही भारत में सक्रिय हिंसक और सांप्रदायिक संगठनों पर प्रतिबंध लगाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी अपील की गई। सपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से संविधान, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की उम्मीद जताई।
