लखनऊ/ प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में शनिवार रात एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा तब हुआ जब एक कार में सवार बाराती विवाह समारोह से लौट रहे थे। कार की तेज रफ्तार और अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने के कारण यह भीषण दुर्घटना हुई। यह दर्दनाक हादसा पिपरी कोतवाली क्षेत्र में कस्बा चायल के आगे स्थित गुंगवा की बाग के पास शिवरानी गेस्ट हाउस के समीप शनिवार की रात करीब 12 बजे हुआ। बारात से लौट रही कार अचानक जामुन के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को कार से बाहर निकाला गया। सभी को तत्काल प्रयागराज के निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज जारी है।
हादसे में चार की मौत
इस सड़क हादसे में सुनील कुमार (36 वर्ष) निवासी मानिकपुर (सल्लाहपुर चौकी अंतर्गत), रवि कुमार (35 वर्ष), निवासी मानिकपुर, चंद्रबदन (42 वर्ष), निवासी बाकराबाद, धूमनगंज, विकास (40 वर्ष), निवासी बलिया, एयर फोर्स में कार्यरत थे। इन सभी की मौत हो चुकी है, जबकि गंभीर रूप से घायल दिलीप कुमार, निवासी बड़के कोटवा, का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे सभी
बताया गया कि सभी लोग पूरामुफ्ती निवासी लालबहादुर पटेल के बेटे बुधराम पटेल की शादी में शामिल होने के लिए प्रयागराज के चायल कस्बे के आंबेडकर नगर वार्ड निवासी दौलत राम पटेल के घर आए थे। समारोह के बाद रात में वे वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
क्षतिग्रस्त कार के दृश्य ने हिला दिया सभी को
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की गति काफी तेज थी और वह पूरी तरह से नियंत्रण खो बैठी थी। टक्कर के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके परखच्चे उड़ गए और कई हिस्से दूर तक बिखर गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए।
पुलिस कर रही है जांच, परिवारों में मचा कोहराम
पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के घरों में कोहराम मच गया है। रोते-बिलखते परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
