बरेली : शहर की होनहार बेटी गरिमा सिंह ने कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) में शानदार प्रदर्शन कर टॉप रैंक हासिल की है। उनकी इस उत्कृष्ट उपलब्धि के चलते उन्हें देश के दो सबसे प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों – IIM बेंगलुरु और IIM कोलकाता – दोनों से अंतिम चयन के लिए बुलावा मिला है। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे बरेली और खासकर हार्टमैन कॉलेज के लिए एक प्रेरणा बन गई है।
शिक्षा और करियर की गौरवशाली यात्रा
गरिमा सिंह की प्रारंभिक शिक्षा बरेली के हार्टमैन कॉलेज में हुई। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), पटना से बीटेक किया। पढ़ाई के बाद उन्होंने विभिन्न प्रमुख सॉफ्टवेयर कंपनियों में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर कार्य किया और वर्तमान में एडोब, गुड़गांव में कार्यरत हैं। तकनीकी क्षेत्र में काम करने के साथ ही उन्होंने मैनेजमेंट में करियर बनाने का फैसला किया और कठिन मेहनत के साथ CAT परीक्षा की तैयारी की। जिसमें उन्होंने टॉप रैंक के साथ सफलता अर्जित की।
परिवार और शिक्षकों को गर्व
गरिमा सिंह के पिता लाल बहादुर गंगवार, जो कि राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक हैं। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उनकी बेटी अब IIM बेंगलुरु में मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह क्षण उनके परिवार और शिक्षण जगत के लिए गौरव का है। गरिमा की इस उपलब्धि पर शहर भर से बधाइयों का सिलसिला जारी है। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार, अर्बन बैंक की अध्यक्ष श्रुति गंगवार, नवाबगंज के विधायक डॉ. एम.पी. आर्य, नगर विधायक और स्वतंत्र प्रभार मंत्री डॉ. अरुण कुमार, अखिल भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. डीसी वर्मा, समेत सैकड़ों शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने गरिमा को शुभकामनाएं दी हैं।
गरिमा बनी नई पीढ़ी के लिए रोल मॉडल
गरिमा सिंह की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। तकनीकी क्षेत्र में कार्य करते उन्होंने CAT जैसे कठिन परीक्षा की तैयारी कर अपने लक्ष्य को पाया। अब वह देश के सर्वोच्च प्रबंधन संस्थानों में से एक में पढ़ाई कर देश के कॉर्पोरेट नेतृत्व का हिस्सा बनने की ओर अग्रसर हैं।
