कोडीन सिरप पर योगी-अखिलेश आमने-सामने, नशीली दवाओं के सरदारों से योगी सरकार का याराना के लगे नारे!
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर सोमवार को समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधान भवन परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा कोडीन आधारित कफ सिरप का कथित अवैध कारोबार, एसआईआर प्रक्रिया, खाद संकट, धान खरीद में अनियमितता, बेरोजगारी और महंगाई रहा। प्रदर्शन में शामिल सपा विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। पोस्टरों पर “नशीली दवाओं के सरदारों से योगी सरकार का याराना है”,भैया कहां है बुलडोजर”,“अपराधी घूमे बेखौफ, अत्याचार फैला हर ओर” और “काली कमाई पर करो बुलडोजर कार्रवाई” जैसे नारे लिखे थे।
नेता प्रतिपक्ष का ऐलान-सड़क से सदन तक संघर्ष

प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए विधानसभा में नेता विरोधी दल माता प्रसाद पांडेय और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने झूठ, लूट और भ्रष्टाचार से प्रदेश को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई और जनता को न्याय दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी। सपा नेताओं ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर कर करारा जवाब देगी।
विधानसभा में गरमाई बहस, सीएम योगी का तीखा तंज

इसी बीच शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडीन सिरप को लेकर हो रही बहस के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा
“देश के अंदर दो नमूने हैं, एक दिल्ली में बैठता है और दूसरा लखनऊ में, जैसे ही कोई चर्चा होती है, वे देश छोड़कर भाग जाते हैं।”सीएम योगी ने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप से किसी की मौत नहीं हुई है और इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक अब तक 79 मुकदमे दर्ज, 225 आरोपी नामजद, 78 गिरफ्तारियां और 134 फर्मों पर छापेमारी की जा चुकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सबसे पहले पकड़े गए बड़े थोक व्यापारी को 2016 में समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान लाइसेंस दिया गया था।
अखिलेश यादव का पलटवार- ‘आत्म-स्वीकृति’
सीएम योगी के बयान पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा- “आत्म-स्वीकृति! किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई यहां तक पहुंचेगी। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग मर्यादा की सीमा न लांघें।”अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कोडीन सिरप का अवैध कारोबार हजारों करोड़ रुपये का अंतरराष्ट्रीय रैकेट है, और इसमें शामिल माफियाओं के खिलाफ बिना राजनीतिक भेदभाव के कार्रवाई होनी चाहिए।
सदन से सड़क तक जारी रहेगा सियासी टकराव
कोडीन सिरप, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर शुरू हुआ यह सियासी संग्राम अब विधानसभा से निकलकर सड़कों तक पहुंच चुका है। सपा ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में सरकार के खिलाफ आंदोलन और तेज किया जाएगा, जबकि भाजपा सरकार विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सख्त कार्रवाई का दावा कर रही है।
मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ी का आरोप

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में गंभीर गड़बड़ियों की शिकायत की। सपा ने अयोध्या की रूदौली और अयोध्या विधानसभा क्षेत्रों में 2003 की मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम गायब होने, मैपिंग न होने और पात्र मतदाताओं को गलत श्रेणी में डालने का आरोप लगाया। पार्टी ने बरेली-मुरादाबाद शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में भी बड़े पैमाने पर धांधली का दावा किया। एक ही नाम से दो-दो वोट, नाम और फोटो में गड़बड़ी, महिला नाम पर पुरुष फोटो और बाहरी जनपदों के शिक्षकों के नाम शामिल होने जैसे आरोप लगाए गए। सपा ने इसे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल बताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और सभी मतदेय स्थलों पर 2003 की पूरी मतदाता सूची उपलब्ध कराने की मांग की है।
