मुनाफे का लालच, ट्रेड कोड और सर्विस सेंटर का वादा… गाड़ियां बिकवाईं, पैसे मांगे तो जान से मारने की धमकी
बरेली : ई-रिक्शा कंपनी की डीलरशिप दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला बरेली से सामने आया है। आरोप है कि खुद को ई-रिक्शा कंपनी से जुड़ा बताने वाले युवक ने मुनाफे और एजेंसी का लालच देकर करीब छह लाख रुपये हड़प लिए। गाड़ियां बिकवाने के बावजूद न तो पीड़ित को कोई मुनाफा दिया गया, और न ही उसकी जमा की गई रकम लौटाई गई। उल्टा जब पीड़ित ने अपने पैसे मांगे तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में प्रेमनगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खुद को कंपनी से जुड़ा बताया, एजेंसी का दिया झांसा
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ब्राह्मपुरा निवासी सुनील कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शिव शक्ति स्टेट कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने खुद को एनईयूओएन मोटर कंपनी से जुड़ा बताया। आरोपी ने ई-रिक्शा कंपनी की डीलरशिप दिलाने, संजय नगर में दुकान और सर्विस सेंटर खुलवाने तथा आरटीओ कार्यालय में ट्रेड कोड जारी कराने का भरोसा दिलाया।
20 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर वसूली
आरोपी ने हर ई-रिक्शा की बिक्री पर 20 प्रतिशत मुनाफा मिलने का लालच दिया। भरोसा करके सुनील कुमार ने 1 अक्तूबर को गोपाल ट्रेडर्स के खाते में 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इसके बाद 17 अक्तूबर को 5 हजार रुपये और जमा कराए गए। इसके अलावा ट्रेड कोड खुलवाने के नाम पर 1.50 लाख रुपये वसूले गए और चार लाख रुपये पीड़ित के बड़े भाई के खाते से ट्रांसफर कराए गए। इस तरह कुल करीब छह लाख रुपये आरोपी ने हड़प लिए।
गाड़ियां बिकवाईं, हिसाब मांगा तो धमकी
पीड़ित का आरोप है कि रुपये लेने के बाद आरोपी ने गोपाल ट्रेडर्स के बिल पर तीन ई-रिक्शा बिकवाए, लेकिन बिक्री के बाद न तो मुनाफा दिया गया और न ही मूल रकम लौटाई गई। जब सुनील ने अपने पैसों का हिसाब मांगा तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया।
मुकदमा दर्ज, नेटवर्क की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेमनगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ कर ठगी के पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी और अन्य पीड़ितों के सामने आने पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कंपनी की डीलरशिप या एजेंसी लेने से पहले उसके दस्तावेजों और आधिकारिक अनुमति की पूरी तरह जांच कर लें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
