14 बदमाश ढेर होने का रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश में रविवार सुबह कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब महज दो घंटे के भीतर दो अलग-अलग जिलों में पुलिस और STF की कार्रवाई में दो कुख्यात बदमाश एनकाउंटर में मारे गए। इन दोनों एनकाउंटर के साथ ही प्रदेश में बीते 85 दिनों में एनकाउंटर में ढेर हुए बदमाशों की संख्या 14 हो गई है।
पहला एनकाउंटर सहारनपुर जिले में सुबह करीब 5 बजे हुआ। यूपी STF को गंगोह क्षेत्र में सूचना मिली थी कि एक लाख का इनामी हिस्ट्रीशीटर सिराज अहमद किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही STF ने इलाके में घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान बाइक सवार एक संदिग्ध को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में STF की गोली सिराज को लगी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक सिराज सुल्तानपुर का रहने वाला था और उस पर हत्या, लूट, डकैती समेत करीब 30 मुकदमे दर्ज थे। वह माफिया मुख्तार अंसारी के डी-68 गैंग का सदस्य था। सिराज पर सुल्तानपुर में 8 अगस्त 2023 को दीवानी न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले वकील आजाद अहमद की सरेआम गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। 9 महीने पहले प्रशासन उसकी 4.66 करोड़ रुपए की संपत्ति भी जब्त कर चुका था।
दूसरा एनकाउंटर इससे करीब दो घंटे पहले, सुबह 3 बजे बुलंदशहर में हुआ। यहां 50 हजार के इनामी डकैत जुबैर उर्फ पीटर को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस को शनिवार रात सूचना मिली थी कि 35 वर्षीय जुबैर अपने साथी के साथ किसी वारदात की योजना बना रहा है। स्याना रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने बाइक सवार बदमाशों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे फायरिंग करते हुए फरार हो गए।
करीब 15 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने बदमाशों को घेर लिया। दोनों ओर से घिरने के बावजूद बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में जुबैर को गोली लगी और वह मौके पर गिर पड़ा। अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया, जबकि उसका साथी कोहरे का फायदा उठाकर भाग निकला। जुबैर के एनकाउंटर की खबर मिलते ही उसकी पत्नी बानो जिला अस्पताल पहुंची। शव देखकर वह फूट-फूटकर रो पड़ी और बच्चों के भविष्य को लेकर बिलखती नजर आई। दो बड़े इनामी बदमाशों के मारे जाने को पुलिस कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी सफलता मान रही है, जबकि दोनों घटनाएं प्रदेश में लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई की ओर इशारा करती हैं।
