राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष के चयन पर अखिलेश यादव का हमला, PDA समाज को नीचा दिखाने का आरोप
बोले-वर्चस्ववादी राजनीति अब नहीं चलेगी PDA कितना भी क़ाबिल हो, सीमा तय कर दी जाती है!
भाजपा की नियुक्तियों पर सपा प्रमुख का बड़ा बयान
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर उन्होंने भाजपा की मंशा और सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल पदों का मामला नहीं, बल्कि PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को सुनियोजित तरीके से नीचा दिखाने की राजनीति है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए सवाल किया कि “5 बड़ा या 7? विधायक बड़ा या सांसद? राज्य बड़ा या केंद्र? राज्य सरकार का मंत्री बड़ा या केंद्र सरकार का? उन्होंने कहा कि अगर तर्क के आधार पर देखा जाए, तो भाजपा खुद अपने ही मापदंडों पर खरी नहीं उतरती।
5 बार के विधायक को राष्ट्रीय अध्यक्ष, और 7 बार के सांसद को प्रदेश अध्यक्ष ?

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि “भाजपा 5 बार के विधायक को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना देती है, लेकिन 7 बार के सांसद को राज्य का अध्यक्ष बनाती है। इसका कोई तार्किक आधार नहीं है।”उन्होंने कहा कि भाजपा के पास इसका कोई जवाब नहीं है। क्योंकि, यह निर्णय योग्यता या अनुभव पर नहीं, बल्कि वर्चस्ववादी मानसिकता पर आधारित है। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि PDA समाज का व्यक्ति चाहे जितना काबिल क्यों न हो, उसे एक सीमा से आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। उन्होंने इसे भाजपा की नई रणनीति करार देते हुए कहा कि यह PDA समाज को अपमानित करने का एक और तरीका है।
पीडीए को दिलाएंगे सम्मान
सपा प्रमुख ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा “PDA समाज अब यह अपमान और नहीं सहेगा। अब PDA अपनी सरकार बनाएगा, PDA को मान-सम्मान दिलाएगा।” राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अखिलेश यादव का यह बयान आगामी चुनावों से पहले PDA राजनीति को और धार देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भाजपा और सपा के बीच यह वैचारिक टकराव आने वाले दिनों में और तेज़ होने के संकेत दे रहा है।
