विधानसभा सत्र, SIR, कफ सिरप घोटाला, प्रदूषण और वोटर लिस्ट पर योगी सरकार पर तीखा हमला
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा सरकार जनता के असली मुद्दों से बचने के लिए विधानसभा सत्र में गैर-जरूरी विषयों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वंदे मातरम पर चर्चा करवाकर सरकार महंगाई, बेरोजगारी, प्रदूषण, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे गंभीर सवालों से ध्यान भटकाना चाहती है। गुरुवार को सपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वंदे मातरम पर चर्चा पहले ही लोकसभा में हो चुकी है। इसके बावजूद विधानसभा में इसे मुद्दा बनाना यह दिखाता है कि भाजपा जनता की समस्याओं पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आजादी से पहले और बाद में भाजपा की विचारधारा से जुड़े लोगों ने कभी वंदे मातरम नहीं गाया, लेकिन अब राजनीतिक फायदे के लिए इसे मुद्दा बनाया जा रहा है।
हजारों करोड़ का कफ सिरप घोटाला, सरकार पर संरक्षण का आरोप

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश में सामने आए कोडीन कफ सिरप घोटाले को हजारों करोड़ रुपये का बताया। उन्होंने दावा किया कि यह घोटाला प्रधानमंत्री के लोकसभा क्षेत्र तक से जुड़ा हुआ है। सपा अध्यक्ष ने एसटीएफ की भूमिका पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार कफ सिरप माफिया को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि औरैया समेत कई जिलों में बच्चों की जान जा चुकी है, लेकिन डॉक्टर दहशत के कारण कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं। अखिलेश ने पूछा कि जब छोटे मामलों में बुलडोजर चल जाता है, तो इतने बड़े घोटाले में बुलडोजर क्यों नहीं दिखाई देता?
प्रदूषण पर सरकार सवालों से भाग रही है
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि खराब वायु गुणवत्ता के कारण भारत-दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट मैच तक रद्द करना पड़ा, लेकिन सरकार दावा कर रही है कि AQI ठीक था। उन्होंने सवाल किया कि सरकार किस एजेंसी के आंकड़ों पर भरोसा कर रही है और क्यों स्वतंत्र एजेंसियों के आंकड़ों को खारिज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदूषण पर चर्चा नहीं चाहती, इसलिए आंकड़े दबाए जा रहे हैं।
SIR पर बड़ा सवाल- बिना डेटा CM को कैसे पता 4 करोड़ वोट कटे?
सपा अध्यक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर सवाल खड़े किए। अखिलेश यादव ने कहा कि जब SIR की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है, तो मुख्यमंत्री यह कैसे कह सकते हैं कि चार करोड़ मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और चुनाव आयोग मिलकर वोटर लिस्ट में हेरफेर कर रहे हैं और इसका सबसे बड़ा नुकसान समाजवादी पार्टी को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। अखिलेश ने कहा कि अगर चार करोड़ वोटों को 403 विधानसभा सीटों में बांट दिया जाए, तो प्रति सीट लगभग 84 हजार वोट हटते हैं, जो बिना प्रशासनिक आदेश के संभव नहीं है।
NRC जैसा है SIR, विपक्ष के वोट काटने की साजिश
उन्होंने कहा कि SIR, असल में NRC जैसा ही है और इसके जरिए सामाजिक व राजनीतिक संतुलन बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ स्पेलिंग की गलती बताकर हजारों नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं और चुनाव आयोग इस पर चुप्पी साधे हुए है।
नीतीश कुमार के बयान पर टिप्पणी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े एक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस उम्र में उन्हें किसी हेल्पर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना गलत है और ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।
भाजपा मुद्दों से भाग रही
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने सबसे ज्यादा पेड़ कटवाए हैं, जंगल खत्म किए हैं और खनन के नाम पर प्रकृति को नुकसान पहुंचाया है। लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सरकार भावनात्मक और गैर-जरूरी विषयों को आगे बढ़ा रही है। सपा अध्यक्ष ने साफ कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और आने वाले समय में सरकार को इन सभी सवालों का जवाब देना होगा।
