बरेली : यूपी के बरेली जिले में SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) ड्यूटी में लगे शिक्षकों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब देहात के बिशारतगंज क्षेत्र से एक और दुखद खबर सामने आई है। यहां बीएलओ ड्यूटी कर रहे एक शिक्षक की अचानक मौत हो गई। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में शोक के साथ-साथ दहशत और आक्रोश का माहौल है। बिशारतगंज स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या कंपोजिट के इंचार्ज प्रधानाचार्य विनोद कुमार शर्मा का रविवार देर रात निधन हो गया। वह बिथरी चैनपुर विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 261 के बीएलओ थे। परिजनों के मुताबिक, रविवार रात भोजन करने के बाद वह अपने कमरे में सोने चले गए। मगर, रात करीब 12 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, और कुछ ही देर में उनकी सांसें थम गईं। परिजनों ने हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई है।
2027 में होने वाले थे सेवानिवृत्त, SIR ड्यूटी से थे बेहद परेशान
परिजनों का कहना है कि विनोद कुमार शर्मा वर्ष 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। SIR के काम को लेकर वह लंबे समय से मानसिक दबाव में थे। उनके पुत्र शिवांश शर्मा ने मीडिया को बताया कि पिता SIR ड्यूटी कटवाने के लिए पहले ही खंड शिक्षा अधिकारी मझगवां को पत्र लिख चुके थे। पत्र में उन्होंने अपनी उम्र, आंखों की समस्या और मोबाइल फोन पर ऑनलाइन कार्य करने में असमर्थता का हवाला देते हुए ड्यूटी से हटाने की मांग की थी। शिवांश के अनुसार, स्कूल के अन्य स्टाफ की ड्यूटी हटा दी गई थी, लेकिन उनके पिता की ड्यूटी नहीं हटाई गई, जिससे वह लगातार तनाव में रहते थे।
पहले भी जा चुकी है एक शिक्षक की जान
बरेली में यह पहली मौत नहीं है। इससे पहले भी बीएलओ ड्यूटी के दौरान शिक्षक सर्वेश कुमार गंगवार की मौत हो चुकी है। उन्हें ड्यूटी के दौरान ही हार्ट अटैक आया था। लगातार हो रही मौतों ने SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
SIR अब प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बीएलओ के लिए खौफ?
बरेली जिले में एक के बाद एक बीएलओ की मौतों ने पूरे शिक्षा विभाग को झकझोर कर रख दिया है। भले ही मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही हो, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि हर बार बीएलओ ड्यूटी पर लगे शिक्षक ही इसका शिकार क्यों बन रहे हैं? लगातार तीसरी मौत के बाद बीएलओ और उनके परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल है।
शिक्षक समाज में शोक और गुस्सा
विनोद कुमार शर्मा की मौत की खबर मिलते ही शिक्षक समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार सुबह उनके घर पर रिश्तेदारों, परिचितों और साथी शिक्षकों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे, लेकिन साथ ही SIR ड्यूटी के दबाव को लेकर गुस्सा भी जाहिर किया गया।
