दरगाह आला हजरत से उठी थी मांग, अब तक केवल 76,000 संपत्तियां पोर्टल पर दर्ज, 12,500 को मिला अप्रूवल
लखनऊ/ बरेली : उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समय-सीमा को 6 माह बढ़ा कर 5 जून, 2026 कर दिया है। इससे पहले पंजीकरण की अंतिम तारीख 5 दिसंबर 2025 थी। समय सीमा बढ़ाने के लिए बोर्ड ने वक्फ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। जिसे स्वीकार कर ट्रिब्यूनल ने अधिकतम छह माह का विस्तार मंजूर किया। दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन बदरूशरिया मुफ्ती अहसन मियां ने समय बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने ट्रिब्यूनल के आदेश पर आभार व्यक्त किया। दरगाह के प्रवक्ता नासिर कुरैशी ने ज्यादा से ज्यादा समय से पहले वक्फ संपत्तियों का उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही है। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर अहमद फारूकी ने मीडिया को बताया कि प्रदेश में कुल 1,26,000 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें से अब तक केवल 76,000 संपत्तियां ही पोर्टल पर दर्ज हो पाई हैं और इनमें मात्र 12,500 संपत्तियों को अप्रूवल मिला है। समय-सीमा बढ़ने के बाद बची हुई सभी वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण और स्वीकृति सुनिश्चित की जाएगी। यह अवधि ट्रिब्यूनल द्वारा दी गई अंतिम और अधिकतम समय सीमा है।
विशेष निगरानी टीम का गठन
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि पंजीकरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए विशेष निगरानी टीम गठित की जाएगी, जो लगातार उम्मीद पोर्टल पर पंजीकरण और अप्रूवल की प्रक्रिया पर नजर रखेगी। समय-सीमा बढ़ने के फैसले के बाद वक्फ बोर्ड कार्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई। कर्मचारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और इसे प्रदेश की वक्फ संपत्तियों के लिए ऐतिहासिक अवसर और बड़ी राहत बताया।
