बरेली : यूपी में योगी सरकार द्वारा 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य को साकार करने के लिए बरेली में श्रम विभाग ने सबसे तेज़ और प्रभावी कार्रवाई की है। जिले में चल रहे ऑपरेशन क्लीन के तहत टास्क फोर्स ने अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 के बीच 173 से अधिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 245 बच्चों को बाल श्रम की बेड़ियों से आज़ाद कराया, जिनमें 4 बच्चे 14 वर्ष से कम उम्र के पाए गए। एक बच्चे का स्कूल में शैक्षिक पुनर्वास भी करा दिया गया है।
249 मामलों कार्रवाई
बरेली श्रम विभाग के सहायक श्रमायुक्त बाल गोविंद के अनुसार, 1 से 15 दिसंबर तक विशेष अभियान चल रहा है। पहले ही दिन 10 बच्चों को अवमुक्त किया गया। अप्रैल से नवंबर तक 249 मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी है, जिनमें से 56 मामले न्यायालय में विचाराधीन और 23 मामलों में कोर्ट ने निर्णय देते हुए 60,000 रुपये जुर्माना लगाया है।
जन-जागरूकता से लेकर पुनर्वास तक
डीएम अविनाश सिंह के निर्देशन में श्रम विभाग ने अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए हस्ताक्षर अभियान, जन-जागरूकता यात्रा, संगोष्ठियां, और व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए हैं। लक्ष्य है। बाल श्रम को अपराध के रूप में समझाना है। प्रतिष्ठान स्वामियों को चेतावनी देना। मुक्त कराए गए बच्चों का शिक्षा और आजीविका में पुनर्वास। सहायक श्रम आयुक्त ने दोहराया कि “किसी भी प्रतिष्ठान में बाल या किशोर श्रमिक मिला तो त्वरित कार्रवाई होगी, कोई छूट नहीं।”
प्रतिष्ठानों के लिए सख्त निर्देश, बाल श्रमिक रखने पर सीधी कानूनी
श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, फैक्ट्री मालिकों, होटल संचालकों और अन्य प्रतिष्ठानों को साफ चेतावनी दी है कि बाल श्रमिक (14 वर्ष से कम) का नियोजन पूरी तरह प्रतिबंधित है। किशोर श्रमिक (14- 18 वर्ष) का नियोजन खतरनाक कार्यों में पूरी तरह अवैध है। नियम उल्लंघन पर मुकदमा, जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई होगी। शिकायत मिलने पर टास्क फोर्स तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्चों को मुक्त कराएगी और आरोपी पर फौरन केस दर्ज किया जाएगा।
प्रदेश में बरेली नम्बर-1-CM डैशबोर्ड रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचा श्रम विभाग
बरेली श्रम विभाग पूरे प्रदेश में बाल श्रम उन्मूलन और पुनर्वासन में अव्वल माना जा रहा है। जिले में 5.21 लाख श्रमिक यूपी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड में पंजीकृत है। 1.80 लाख श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर दर्ज है। निरीक्षण क्षमता, त्वरित नियमन और पुनर्वासन कार्यों के कारण CM डैशबोर्ड में बरेली शीर्ष रैंक पर है। सहायक श्रमायुक्त बाल गोविंद ने कहा “बरेली बाल श्रम मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य जल्द पूरा होगा। सरकार का मिशन बच्चों को मुस्कान और सुरक्षित भविष्य देना है।”
