गुवाहाटी : एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक खबर सामने आ रही है, जहां कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है, जिसके बाद अब उनकी गिरफ्तारी की संभावना और तेज हो गई है।
यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई मानहानि FIR से जुड़ा हुआ है। रिंकी भुइयां शर्मा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया। जानकारी के अनुसार, पवन खेड़ा ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को लेकर गुवाहाटी हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी। उन्होंने अदालत से गिरफ्तारी से राहत की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पी.जे. सैकिया की अदालत में हुई थी, जो करीब तीन घंटे तक चली। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस और तर्क-वितर्क भी देखने को मिला। कोर्ट ने 21 अप्रैल को सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब जारी कर दिया गया है। FIR में कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें चुनाव के संबंध में झूठा बयान, धोखाधड़ी, जालसाजी, शांति भंग करने के इरादे से अपमान, और मानहानि जैसी धाराएं शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
पवन खेड़ा पर आरोप है कि उन्होंने असम की मुख्यमंत्री की पत्नी पर विदेश में संपत्ति और कई पासपोर्ट रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन्हीं आरोपों के बाद यह विवाद बढ़ा और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा के वकील ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल के देश छोड़कर भागने का कोई खतरा नहीं है, इसलिए गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं है। लेकिन अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद उनकी दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
