बरेली : जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को रामपुर गार्डन स्थित धनवंतरी तोमर चौराहा स्थित कार्यालय में प्रेस वार्ता कर चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि SIR फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर बेहद कम है। जिसके चलते मतदाता और बीएलए दोनों परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि इस तिथि को बढ़ाया जाए, ताकि कोई भी मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
कांग्रेस का आरोप-“समय कम, प्रक्रिया मुश्किल-मतदाता परेशान
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने कहा कि 2003 में विधानसभा क्षेत्रों के नाम और नंबर अलग थे, जबकि 2025 में बदल चुके हैं। ऐसे में पुराने रिकॉर्ड खोजना आम लोगों के लिए कठिन हो गया है।उन्होंने कहा कि “SIR प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतें हैं, रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं, और समय बेहद कम, जनता त्राहिमाम कर रही है।”
“भाजपा और आयोग मिलकर वोट काटना चाहते हैं”- कांग्रेस प्रवक्ता
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व महापौर प्रत्याशी डॉ. के. बी. त्रिपाठी (गुरुजी) ने कहा कि भाजपा सरकार और चुनाव आयोग विशेष रूप से उन विधानसभा क्षेत्रों में SIR के बहाने वोट कटवाने की तैयारी कर रहे हैं, जहाँ 2024 लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन ने भाजपा को कड़ी शिकस्त दी थी।उन्होंने कहा-“SIR की अफरातफरी हमें नोटबंदी की याद दिलाती है। जब भाजपा जनता का विश्वास खोने लगती है, तब ऐसे कदम उठाती है।”कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इसका राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है।
“कांग्रेस जनता के साथ खड़ी-हर मोहल्ले में मदद जारी”
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता, BLA और पदाधिकारी मोहल्लों, स्कूलों और बूथों पर जाकर लोगों की सहायता कर रहे हैं, ताकि कोई मतदाता फॉर्म भरने में परेशान न हो। उन्होंने कहा कि हाईकमान भी इस मुद्दे पर गंभीर है और सभी को जनता की सहायता करने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की अपील
कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट कहा कि- “निर्वाचन आयोग निष्पक्षता से काम करे, विपक्ष की शिकायत सुने और SIR की अंतिम तिथि बढ़ाए।”प्रेस वार्ता में जिया-उर-रहमान (जिला उपाध्यक्ष/मीडिया प्रभारी), डॉ. हरीश गंगवार (शहर एवं कैंट विधानसभा प्रभारी), रमेश श्रीवास्तव (महानगर उपाध्यक्ष), नाहिद सुल्ताना, पूनम चौहान और कमरुद्दीन सैफी (जिला कोषाध्यक्ष) समेत प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे।
