लखीमपुर खीरी : एक ओर देश ‘विकास’ की राह पर आगे बढ़ने के दावे कर रहा है, तो दूसरी ओर इस विकास की अंधी दौड़ ने जंगलों और वन्यजीवों का घर छीन लिया है। ताजा मामला यूपी के लखीमपुर -खीरी जिले के धौरहरा तहसील से सामने आया है। यहां इंसान और तेंदुआ के बीच जीवन-मृत्यु की भीषण लड़ाई देखने को मिली।
भट्टे के मजदूर पर अचानक किया हमला
देखें वीडियो 👇🏻
https://youtu.be/asQb8lJCGXo?si=B6wzkacss92Jty0b
धौरहरा क्षेत्र के बबुरी गांव स्थित एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे मिहीलाल गौतम पर अचानक एक तेंदुए ने हमला कर दिया। तेंदुआ उसे घसीटकर ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मिहीलाल ने हिम्मत नहीं हारी। करीब 5 मिनट तक तेंदुआ और मजदूर के बीच संघर्ष चलता रहा। ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे अन्य मजदूरों ने तुरंत साहस दिखाया और तेंदुए पर ईंट-पत्थर बरसाना शुरू कर दिया। अंततः तेंदुआ वहां से भाग गया, लेकिन मिहीलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है।
जंगल से गांव तक तेंदुए की चहलकदमी
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कुछ हफ्तों से दुधवा टाइगर रिज़र्व से निकलकर तेंदुए बार-बार रिहायशी इलाकों में आ रहे हैं। गांवों में अब गन्ने के खेत तेंदुओं का ठिकाना बन चुके हैं। किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं और ग्रामीणों में भय का माहौल है।
वन विभाग पर उठे सवाल
प्रशासन और वन विभाग इस घटनाक्रम को लेकर अलर्ट मोड में है, परंतु स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या ये चेतावनियां पर्याप्त हैं? क्या समय रहते वन विभाग गांव वालों को सचेत कर पाया?। क्या जंगलों की अनियोजित कटाई और बेतहाशा अतिक्रमण इस हालात के लिए जिम्मेदार नहीं है?
सपा प्रमुख का तंज
इस घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर सरकार से सवाल किया है कि “जंगलों को उजाड़कर इंसानों को खतरे में डाला जा रहा है। वनों की लूट और अतिक्रमण का खामियाज़ा अब आम लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर चुकाना पड़ रहा है। घायल मजदूर के अच्छे इलाज की व्यवस्था की जाए।”
